Home
Class 12
BIOLOGY
अनावर्ती व पुनरावर्ती असंगजनन को स्पष्ट ...

अनावर्ती व पुनरावर्ती असंगजनन को स्पष्ट कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

अनावर्ती असंगजनन (Non-recurrent apomixis)-इस प्रकार के असंगजनन में गुरुबीजाणु मातृ कोशिका में सामान्य अर्द्धसूत्री विभाजन द्वारा एक अगुणित भ्रूणकोष का निर्माण होता है यदि इसके अगुणित अण्ड से निषेचन के बिना अगुणित भ्रूण का निर्माण होता है, तो इसे अगुणित अनिषेकजनन कहते हैं। दूसरी ओर यदि भ्रूण का विकास अण्ड के अतिरिक्त मादा युग्मकोद्भिद् की किसी दूसरी कोशिका से होता है तो यह अगुणित अपयुग्मन कहलाती है।
पुनरावर्ती असंगजनन (Recurrent apomixis)-इस प्रकार के असंगजनन को युग्मकोद्भिद् असंगजनन भी कहा जाता है। अर्द्धसूत्री विभाजन के पूर्ण नहीं होने के कारण इस प्रकार के असंगजनन में मादा युग्मकोद्भिद् में गुणसूत्रों की संख्या मात्र पादप के समान ही द्विगुणित होती है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • पादप जनन की विशिष्ट विधियाँ

    MITTAL PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर ( निबन्धात्मक प्रश्न )|2 Videos
  • पादप जनन की विशिष्ट विधियाँ

    MITTAL PUBLICATION|Exercise अन्य महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर(अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न)|10 Videos
  • पादप जनन की विशिष्ट विधियाँ

    MITTAL PUBLICATION|Exercise पाठ्यपुस्तक के प्रश्नोत्तर ( अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न )|4 Videos
  • पादप ऊतक संवर्धन

    MITTAL PUBLICATION|Exercise विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रश्न|24 Videos
  • पादप जल समबन्ध

    MITTAL PUBLICATION|Exercise विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रश्न|29 Videos