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BIOLOGY
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मेण्डल के आनुवंशिकी के नियमों की व्याख्या कीजिए

लिखित उत्तर

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मेण्डल के प्रयोग- मेण्डल ने 8 वर्षों (1856-63) तक सामान्य मटर 'पाइसम सैटाइवम' (Pisum sativum) पर प्रयोग किए। उन प्रयोगों के परिणाम 1866 में 'पोसीनियर ऑफ मैचरल हिस्टी सोसाइटी ऑफ ब्रुन' (Proceedings of Natural History Society of Brunn) में 'पौधों में संकरण के प्रयोग' (Experiments in Plant Hybridization) शीर्षक से प्रकाशित हुए। लेकिन लगभग 34 वर्षों तक किसी ने मेण्डल के कार्य को महत्त्व नहीं दिया। 1990 में ह्यूगो डी वीज (Hugo de Vries), वॉन शर्मक (Von Tschermark) तथा कार्ल कोरेन्स (Carl Correns) ने स्वतन्त्र रूप में अलग-अलग कार्य करके वही निष्कर्ष निकाले जो मेण्डल ने प्रस्तुत किए थे। इसके पश्चात् सभी ने मेण्डल के नियमों को स्वीकार किया। मेण्डल को आनुवंशिकी का जनक (Father of genetics) कहा जाता है।
प्रयोगों हेतु मटर का पौधा चुनने के कारण (Reasons for Selecting Pen Plant for Experiments)-(देखिए परिशिष्ट 35.3) प्रयोग की क्रियाविधि (Methodology of Experiment)(देखिए परिशिष्ट 35.5) इसके पश्चात् मेण्डल ने अपने प्रयोगों के परिणार्मों की गणना तथा विश्लेषण सांख्यिकी के आधार पर किया। इस प्रकार मेण्डल ने मटर के पौधे पर सफलतापूर्वक प्रयोग करके तथा उनके परिणामों का विश्लेषण करके आधुनिक आनुवंशिकी की नींव रखी।
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