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टर्नर सिंड्रोम क्या होता है।...

टर्नर सिंड्रोम क्या होता है।

लिखित उत्तर

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टर्नर सिण्ड्रोम (Turner's Syndrome)—यह सिण्ड्रोम लिंग गुणसूत्र की मोनोसोमी (Monosomy) के कारण उत्पन्न होता है। टर्नर सिण्ड्रोम में दैहिक गुणसूत्रों की संख्या तो सामान्य होती है, किन्तु लिंग गुणसूत्रों में केवल एक ही X गुणसूत्र पाया जाता है। गुणसूत्रों का विन्यास 44 + x होता है। गुणसूत्रों की कुल संख्या 45 होती है। टर्नर सिण्ड्रोम कानिर्माण अण्डजनन या शुक्राणुजनन, किसी भी अवस्था में अवियोजन (नॉन-डिस्जंक्शन) होने के कारण हो सकता है। इस सिण्ड्रोम के कारण व्यक्ति का शरीर अल्पविकसित, स्त्री के समान और बन्ध्य (Sterile ) होता है। यह लगभग 5000 : 1 के अनुपात में पाया जाता है। टर्नर सिण्ड्रोम यह हमेशा एक महिला होती है। इन स्त्रियों की लम्बाई कम होती है तथा इनका लैंगिक विकास भी देरी से होता है। ये स्त्रियाँ बाँझ होती हैं। प्रति 3000 जन्म पर एक टर्नर सिण्ड्रोम वाली लड़की पैदा होती है। इसके निम्न लक्षण हैं-मन्द बुद्धि, गर्दन पर जालनुमा (Weblike) त्वचा, अपूर्ण विकसित स्तन आदि।
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