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BIOLOGY
मानव जीनोम परियोजना के चार लक्ष्य लिखिए ...

मानव जीनोम परियोजना के चार लक्ष्य लिखिए ।

लिखित उत्तर

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जीन संरचनाओं को जानने के लिये सन् 1990 में अमेरिका सरकार ने मानव जीनोम परियोजना (Human Genome Project) प्रारम्भ की। इसका उद्देश्य मानव के सम्पूर्ण जीनोम के D.N.A. क्रम को निर्धारित करना था। 1993 में अमेरिका में राष्ट्रीय मानव जीनोम अनुसन्धान संस्थान (National Human Genome Research Institute : NHGRI) की स्थापना हुई। आनुवंशिकता एवं मानव चिकित्सा विज्ञान के इतिहास में 26 जून, 2000 स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया, क्योंकि इस दिन मानव जीनोम परियोजना के अध्यक्ष डॉ. फ्रान्सिस कॉलिन्स (Dr. Francis Collins) और सेलेरा जीनोमिक्स (Celera genomics), के. जे. क्रेग वेंटर ने संयुक्त रूप से मानव जीनोम की संरचना का मॉडल प्रस्तुत किया।
मानव जीनोम परियोजना के लक्ष्य-
1मानव जीन्स की पहचान करना।
(2) मानव डी.एन.ए. को बनाने वाले लगभग 3 बिलियन रासायनिक क्षार युग्मों के अनुक्रमों को निर्धारित करना।
(3) जीनोम सम्बन्धी आँकड़ों को संगृहीत करना और विश्लेषण हेतु आधुनिकतम तीव्र, अधिक प्रभावी क्रम तकनीक विकसित करना।
(4) योजना के फलस्वरूप उठने वाली सामाजिक (Social), नैतिक (Ethical) एवं कानूनी समस्याओं (Legal issues) पर विचार करना।
मानव जीनोम परियोजना की उपलब्धियाँ या विशेषताएँ(Salient features of Human Genome Project) मानव जीनाम परियोजना से प्राप्त मुख्य उपलब्धियां निम्नवत् है
(1) मानव जीनोम में 3164.7 करोड़ क्षार मिलते हैं।
(2) प्रत्येक जीन में औसतन 3000 क्षार होते हैं, इनके आकार में विभिन्नताएँ पायी जाती हैं।
(3) मनुष्य की ज्ञात सबसे बड़ी जीन डिसट्रॉफिन (Dystrophin) में 24 करोड़ क्षार पाए जाते हैं।
(4) जीन की संख्या लगभग 30,000 से 31,000 है। लगभग 99.9 प्रतिशत व्यक्तियों के न्यूक्लियोटाइड्स समान होते हैं।
(5) ज्ञात जीन्स में से लगभग 50% के कार्यों की जानकारी प्राप्त हो
(6) ज्ञात जीन्स में से लगभग 2% प्रोटीन का कूटलेखन करते हैं।
(7) पुनरावृत्ति अनुक्रम (नॉनकोडिंग डी.एन.ए.) जीनोम का अधिकांश भाग बनता है। इनकी सौ से हजारों बार तक पुनरावृत्ति होती
(8) मानव में अनुक्रमित किए जाने वाला प्रथम गुणसूत्र 22वाँ जोड़ा है। यह मानय गुणसूत्रों का सबसे छोटा जोड़ा है। 22वें जोड़े गुणसूत्र पर 272 वास्तविक जीन्स तथा 143 कूट जीन्स उपस्थित हैं।
(9) गुणसूत्र X में सर्वाधिक जीन (2968) और Y गुणसूत्र में सबसे कम जोन (231) पाए जाते हैं।
(10) वैज्ञानिकों ने मानव में लगभग 1.4 करोड़ स्थानों पर एकल न्यूक्लियोटाइड बहुरूपता का पता लगाया है।
(11) रोग आधारित अनुक्रमों के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त हुई है।
मानव जीनोम परियोजना का महत्व(Importance of Human Genome Project)
•जीवन के रसायन (Chemicals of life) की बेहतर समझ विकसित होगी।
. • इसके आधार पर सूक्ष्मजीवों के जीनोम अध्ययन का पर्यावरण प्रदूषण की रोकथाम, ईधन तकनीकों में उपयोग किया जा सकेगा। .रोगों की बेहतर समझ से उनकी रोकथाम व बेहतर उपचार संभव होगा।
• यह मानव इतिहास, विकास व प्रशासन (Migration) के अनसुलझे रहस्यों का सुलझाने का कार्य करेगा।
• फोरेन्सिक साईस से जुड़ी तकनीकों में और सुधार होगा। .पौधों के जीनोम अध्ययन से बेहतर रोग नियंत्रण से बेहतर उपज प्राप्त होगी।
• बायोइन्फोर्मेटिक्स के प्रयोग से रोगों की पहचान, रोकथाम की जीन आधारित तकनीक का विकास ।
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