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BIOLOGY
तनों द्वारा कायिक प्रवर्धन की विधियों का...

 तनों द्वारा कायिक प्रवर्धन की विधियों का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

लिखित उत्तर

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तनों द्वारा कायिक प्रवर्धन की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं
(1) प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन (II) कृत्रिम कायिक प्रवर्धन।
(i)तनों द्वारा प्राकृतिक कायिक प्रवर्धन के विभिन्न प्रकार स्तम्भों के प्र. विभिन्न रूपान्तरणों में देखे जा सकते हैं। उदाहरण-कन्द (आलू), प्रकन्द (अदरक), शल्ककन्द (लहसुन),धनकन्द (अरबी),ऊपरी कायिक प्रवर्धन मानव द्वारा व्यावसायिक महत्त्व के पादपों में करवाया जाता है। तने द्वारा कृत्रिम कायिक प्रवर्धन की प्रमुख विधियाँ निम्नलिखित हैं 1. कर्तन 2. दाब लगाना 3. रोपण। 1. कर्तन (Cutting)- इसके अन्तर्गत तने का छोटा टुकड़ा काटकर जमीन में रोप दिया जाता है। 2. दाब लगाना (Leyering)-इसके अन्तर्गत स्तम्भ को मुख्य पादप से अलग करने से पहले ही उसमें अपस्थानिक जड़ों के विकास को प्रेरित किया जाता है। तत्पश्चात् उसे मातृ पादप से अलग करके नया पादप बनाया जाता है। 3. रोपण (Grafting)- इस विधि के अन्तर्गत दो पादपों के अलग अलग भागों (स्कन्द व कलम) को जोड़कर उनकी नये पादप के रूप में वृद्धि करवाई जाती है।
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