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Class 12
PHYSICS
एक दूरदर्शी के अभिदृश्यक का द्वारक 0.6 m...

एक दूरदर्शी के अभिदृश्यक का द्वारक `0.6 m` व्यास का है। दूरदर्शी को सुदूर स्थित दो बिंदु प्रकाश स्रोतों ( जैसे - तारों ) को देखने के लिए समायोजित किया गया है। स्रोतों की लगभग समान दूरी `10^(4)` प्रकाश वर्ष है ओर उनके मध्य विस्थापन `10^(10)m` है। क्या दूरदर्शी इन दोनों को विभेदित कर पायेगी ? प्रकाश की औसत तरंगदैर्ध्य `6000 Å` मान लीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
नहीं

वह न्यूनतम कोणीय अंतराल जो किसी दूरदर्शी द्वारा विभेदित किया जा सकता है , निम्न सूत्र से मिलता है -
`d theta = (1.22 lambda)/D`
दिया है : `D = 0.6 m, lambda = 6000 Å = 6 xx 10^(-7) m `
` :. d theta = (1.22 xx 6 xx 10^(-7))/(0.6)`
` = 1.22 xx 10^(-6) ` rad
तारों की दूरी ` = 10^(4)`प्रकाश वर्ष ` = 10^(4) xx 9.46 xx 10^(15) m`
तारों के मध्य दूरी ` = 10^(10) m`
` :. ` तारों द्वारा अभिदृश्यक पर अंतरित कोण
`d theta' = (10^(10))/(10^(4)xx9.46 xx 10^(15))`
` = 1.057 xx 10^(-10) ` rad
` :' d theta' lt lt d theta`
अतः दूरदर्शी द्वारा इन तारों को विभेदित करना सम्भव न होगा।
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