मृदाहीन पादप वृद्धि या हाइड्रोपोनिक्स (Soilless growth or hydroponics)-कैलीफोर्निया के प्रोफेसर डब्ल्यू. एफ. गैरिक (W.F. Gariak) ने मृदाहीन खेती या पादप वृद्धि का आविष्कार किया जिसे हाइड्रोपोनिक्स कहते हैं । इस विधि में पौधों को पानी में उगाया जाता है। पानी के अन्दर पौधों के लिये आवश्यक सभी पदार्थ घोल दिये जाते हैं और इसमें एक नली के द्वारा वायु को पहुँचाया जाता है, जिससे जड़ को पर्याप्त मात्रा में वायु भी AP मिल सके। अब पानी में नवजात पौधे को लगा दिया जाता है।
उपयोग-(1) इस प्रकार लगाये गये पौधे मिट्टी में उगाये गये पौधों की अपेक्षा अधिक स्वस्थ और तीव्र प्रजनन दर वाले होते हैं । (2) जिन स्थानों पर बागवानी के लिये भूमि उपलब्ध नहीं होती वहाँ यह विधि वरदान सिद्ध हो रही है। (3) बड़े-बड़े नगरों की बहुमंजिली इमारतों पर जहाँ प्रकाश पहुँच सकता है इस विधि से बड़े पैमाने पर सब्जियाँ व फल उगाये जा सकते हैं । (4) इस प्रकार उगाये गये पौधों की वृद्धि और फलों के पकने में कम समय चित्र-विलयन संवर्धन में पादप वृद्धि लगता है । गैरिक ने स्वयं सन् 1929 में इस विधि से बड़े पैमाने पर टमाटर की फसल को उगाया था।