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BIOLOGY
रक्त को एक संयोजी ऊतक क्यों मानते है?...

रक्त को एक संयोजी ऊतक क्यों मानते है?

लिखित उत्तर

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लगभग एक ही परिमाण तथा आकार की कोशिकाओं का समूह जो उत्पति , विकास, रचना तथा कार्य के विचार से एक समान हो, ऊतक कहलाता है|
सरंचना तथा काय की दृष्टि से रुधिर संयोजी ऊतकों के ही समान होता है| इसमें संयोजी ऊतकों के ही समान एक आधात्री होती है जिसमे रुधिर कोशिकाएँ बिखरी होती है, लेकिन यह आधात्री संयोजी ऊतकों के विपरीत तरल रूप में होती है| कार्य की दृष्टि से भी शरीर के सभी अंगो में सम्बन्ध स्थापित करता है| रुधिर की संयोजी ऊतकों से इसी कार्यात्मक तथा रचनात्मक समानता के कारण इसे 'तरल संयोजी' ऊतक कहते है|
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