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BIOLOGY
पारिस्थितिक पिरामिड को पारिभाषित कीजिए त...

पारिस्थितिक पिरामिड को पारिभाषित कीजिए तथा जैव मात्रा या जैव भार तथा संख्या पिरामिडों की उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।

लिखित उत्तर

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आहार शंकु या पारिस्थितिक शंकु-यदि पारितन्त्र के विभिन्न पोषक स्तरों के जावा का उनका सख्या, जावभार तथा उनमें संचित ऊर्जा की मात्राओं के अनपात को चित्र द्वारा व्यक्त कर ता एक श जैसी आकृति प्राप्त होती है जिसे आहार शंक कहते हैं। ये तीन प्रकार के होते हैं
1.जाव संख्या का शंकु-जब आहार श्रृंखला को पोषक स्तरों का शंक पोषक स्तरों में उपस्थित जावा को संख्या के आधार पर बनाते हैं तो इसे जीव संख्या का शंकु कहते हैं। यदि हम संख्या को आधार मान ता उत्पादकों की संख्या सबसे अधिक तथा इसके बाद के पोषक स्तरों के जीवों की संख्या कम से कम होती जाती है। इस कारण इसका शंकु सीधा बनता है, लेकिन एक वृक्ष को आधार मानने पर यह उल्टा बनता है।
2. जीव भार का शंकु-यदि किसी पारितन्त्र में संख्या के स्थान पर जीवों के कुल भार के आधार पर पोषी स्तरों को देखें तो उल्टे तथा सीधे अर्थात् दोनों प्रकार के शंकु बनते हैं।
3. ऊर्जा का शंकु-यदि किसी पारितन्त्र के विभिन्न जैविक घटकों में संचित ऊर्जा को आधार मानकर शंकु का निर्माण करें तो इसे ऊर्जा का शंकु कहते हैं यह शंकु हमेशा सीधा बनता है, क्योंकि प्रत्येक पोषो स्तरों में ऊर्जा में कमी आती जाती है
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