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Class 12
PHYSICS
एक श्रेणी कम R-C परिपथ में R = 30 Omega,...

एक श्रेणी कम R-C परिपथ में `R = 30 Omega`, `C = 0.25 mu F, E = E = 100 V` एवं `omega = 10000 rad s^(-1)` । परिपथ में धारा ज्ञात कीजिए एवं प्रतिरोध तथा संधारित्र के सिरों की वोल्टता की गणना कीजिए । क्या इन वोलटताओं का विजय योग स्रोत वोल्टता से अधिक होगा ? यदि हाँ तो इसकी व्याख्या कीजिए ।

लिखित उत्तर

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दिया है , `R = 30 Omega, C = 0.25 mu F = 0.25 xx 10^(-6) F, E = 100 V, omega = 10000 rads^(-1)`
धारितीय प्रतिघात `X_(C ) = (1)/(omega C)`
`= (1)/(10000 xx 0.25 xx 10^(-6))`
`= (1)/(0.25 xx 10^(_2)) = (100)/(0.25) = 400 Omega`
`:. R-C` परिपथ की प्रतिबाधा
`Z = sqrt(R^(2) + x_(c )^(2)) = sqrt((30)^(2) + (400)^(2))`
`= 10 sqrt(9 + 1600) = 10 sqrt(1609)`
`= 10 xx 40.112 = 401.12 Omega`
`:.` परिपथ में प्रवाहित धारा
`I_(rms) = (v_(rms))/(Z)`
`:. I = (E)/(Z) = (100)/(401.12) = 0.2493 A`
प्रतिरोध के सिरों पर वोल्टता
`V_(R ) = IR = 0.2493 xx 30 = 7.479 = 7.48 V`
संधारित्र के सिरों पर वोल्टता
`V_(C ) = IX_(C ) = 0.2493 xx 400 = 99.72 V`
`v_(R )` व `V_(C )` का बीजीय योग ( अर्थात 99.72 + 7.48 = 107.20 V) स्रोत वोल्टता (100 V) से अधिक है ।
अदिश राशियों की भांति `V_(R )` व `V_(C )` का बीजगणितीय योग लेना गलत है । वास्तव में राशियों कलयुक्त हैं यदि दोनों के माध्य कलांतर को ध्यान रखकर `V_(R )` व `V_(c )` का योग किया जाये तो वह स्रोत वोल्टता के बराबर मिलेगा ।
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