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Class 12
PHYSICS
हर प्रकार की गतिकीय समस्याओं के निश्लेषण...

हर प्रकार की गतिकीय समस्याओं के निश्लेषण के लिए कला-समष्टि चित्रा (Phase space diagrams) का उपयोग किया जाता है। प्रारम्भिक दशा, स्थिति व संवेग में बदलाव होने पर इनका उपयोग चालन में उत्पन्न बदलावों को समझने में बहुत उपयोगी है। यहाँ हम एकविमीय सरल गतिकीय निकायों की बात करते हैं। इनके लिए कला-समष्टि समतल है जिसमें स्थिति X-अक्ष पर तथा संबेग Y-अक्ष पर रखते हैं, तब कुला-समष्टि चित्र इस समतल में एक x(t)-p(t) वक्र होगा। वक्र पर तीर समय बढ़ने की दिशा को दर्शाता है।
उदाहरण के लिए, स्थिर वेग से चल रहे कण के लिए कला- समष्टि चित्रा है, सरल रेखा है, जिसे चित्र में दिखाया गया है। चिह्न परिपाटी में स्थिति या संवेग को ऊपर (या दाहिने) ओर धनात्मक तथा नीचे (या बाई) ओर ऋणात्मक माना जाता है।

चित्र में दर्शाए अनुसार स्त्रिंग-गुटका निकाय पर ध्यान दें, जहाँ गुटका पानी में इूबा है।

इस निकाय में एक दोलन करने का कला-समष्टि चित्र है

लिखित उत्तर

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The correct Answer is:
B

रेखीय सवेग p=mv

`p=m omega sqrt(A^(2)-x^(2))`
`rArr p^(2)+m^(2) omega^(2) X^(2)=m^(2) omega^(2) A^(2)`
p-x ग्राफ पर प्रदर्शित वृत्त की त्रिज्या, R=A `[thereofre m^(2) omega^(2)=1]`
स्प्रिंग से लटके द्रव्यमान निकाय की आवृति नियत रहती है
`omega=(1)/(2pi) sqrt((k)/(m))`
द्रव के अंदर दोलनों का आयाम शयन बल के कारण घाट जायेगा। इसलिए वृत्त चाप की त्रिज्या घाट जाएगी। अंत: स्थिति परिवर्तन हो जाएगी। विकल्प (b) सही है।
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