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Class 12
PHYSICS
2.5 MeV ऊर्जा के एक ऐल्फा कण जो स्वर्ण न...

`2.5 MeV` ऊर्जा के एक ऐल्फा कण जो स्वर्ण नाभिक `(Z=79)` से प्रकीर्णित हो रहा हे के लिए निकटतम पहुँच की दूरी ज्ञात करो।

लिखित उत्तर

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जब `alpha`-कण नाभिक की ओर जाता है तो नाभिकके प्रतिकर्षण के कारण उसकी गतिज ऊर्जा में कमी आती है तथा स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि होती है। नाभिक के निकटतम पहुँच की दूरी `r_(0)`, जिसे उपगमन दूरी भी कहते है पर कण की सम्पूर्ण प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा, विद्युत स्थितिज ऊर्जा में परिवर्तित हो जाती है अतः दूरी `alpha` पर
`E_(K)=(1)/(4piin_(0))(q_(1)q_(2))/(r_(0))`
implies निकटतम पहुँच की दूरी `r_(0)=(1)/(4piin_(0))(q_(1)q_(2))/(E_(K))`
जहाँ `E_(K)` = प्रारम्भिक गतिज ऊर्जा `=2.5MeV`
`=2.5xx10^(6)xx1.6xx10^(-19)` जूल
`(1)/(4piin_(0))=9xx10^(9)" न्यूटन-मी"^(2)//"कूलॉम"^(2)`
`q_(1)=alpha`-कण का आवेश = 2e
`=2xx1.6xx10^(-19)` कूलॉम
`q_(2)` = नाभिक का आवेश
`=Ze=79xx1.6xx10^(-19)` कूलॉम
(स्वर्ण के लिए `Z=79`)
अतः `r_(0)=(9xx10^(9)xx2xx1.6xx10^(-19)xx79xx1.6xx10^(-19))/(2.5xx1.6xx10^(-13))`
`=9.10xx10^(-14)` मीटर
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