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Class 12
PHYSICS
परमाणु के रदरफोर्ड के नाभिकीय मॉडल में, ...

परमाणु के रदरफोर्ड के नाभिकीय मॉडल में, नाभिक (त्रिज्या लगभग `10^(-15)m`) सूर्य के सदृश्य है, जिसके परितः इलेक्ट्रॉन अपने कक्ष (त्रिज्या =`10^(10)m`)में ऐसे परिक्रमा करता है जैसे पृथ्वी सूर्य के चारो ओर परिक्रमा करती है। यदि सौर परिवार की विमाएँ उसी अनुपात में होती जो किसी परमाणु में होती है, तो क्या पृथ्वी अपनी वास्तविक स्थिति की अपेक्षा सूर्य के पास होगी या दूर होगी? पृथ्वी के कक्ष की त्रिज्या लगभग अपेक्षा सूर्य के पास होगी या दूर होगी? पृथ्वी के कक्ष की त्रिज्या लगभग `1.5xx10^(11)m` है। सूर्य की त्रिज्या `7xx10^(8)m` मानी गई है।

लिखित उत्तर

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इलेक्ट्रॉन की कक्षा की त्रिज्या तथा नाभिक की त्रिज्या का अनुपात `=(10^(-10))/(10^(-15))=10^(5)`
यदि सौर परिवार के लिए यही अनुपात लागू हो तो चूँकि सूर्य की त्रिज्या `7xx10^(8)` मीटर है तब पृथ्वी की कक्षा की अपेक्षित त्रिज्या `=7xx10^(8)xx10^(5)=7xx10^(13)` मीटर
यह राशि, वास्तविक त्रिज्या `1.5xx10^(11)` मीटर से लगभग 100 गुना आधी है अर्थात इस स्थिति में पृथ्वी सूर्य से बहुत अधिक दूर होगी।
इससे यह भी स्पष्ट है कि परमाणु में सौर परिवार के अपेक्षा अधिक भाग स्थित है।
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