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गैसों की विलेयता से आप क्या समझते है ? ए...

गैसों की विलेयता से आप क्या समझते है ? एक द्रव में गैसों की विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक की व्याख्या कीजिए।

लिखित उत्तर

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गैसों की विलेयता को प्रभावित करने वाले कारक
(1) गैसों की प्रकृति ( Nature of gases )
`cdot` जो गैसें विलायक से क्रिया करके यौगिक बनाती हैं या विलायक में आयनीकृत होती है, वे विलायक में अधिक घुलनशील होती हैं।
`cdot` जैसे - `NH_(3) ,HCl,HBr,SO_(2),CO_(2)` आदि गैसें जल में अधिक घुलनशील होती है।
`NH_(3) + H_(2)O to NH_(4)OH hArr NH)(4)^(+) OH^(-)`
`CO_(2)+ H_(2)O to H_(2)CO_(3) hArr H^(+) + HCO_(3)^(-)`
`cdot` वे गैसें जो विलायक के साथ अभिक्रिया करके यौगिक नहीं बनाती , द्रव में कम घुलनशील होती है। जैसे - `H_(2) , O_(2)` व` N_(2)` आदि गैसें द्रवों में कम घुलनशील होती है।
`cdot` जिन गैसों के अवशोषण गुणांक अधिक होते हैं वे गैसें अधिक विलेय होती है।
अवशोषण गुणांक के आधार पर विलेयता का क्रम
`NH_(3) gt HCl gt SO_(2) gt H_(2)S gt CO_(2) gt O_(2)`
`N_(2),O_(2) ,C_(2) H_(2)` आदि जल की अपेक्षा एल्कोहॉल में अधिक विलेय होती है।
(2) विलायक की प्रकृति (Nature of solvent )
`cdot` ध्रुवीय विलायकों में अधिक घुलनशील होती हैं व अधिक घुलनशील होती हैं व अध्रुवीय विलायकों में कम।
`cdot` जैसे -HCl व `NH_(3)` ध्रुवीय गैसें हैं अतः ये `H_(2)O` में अधिक घुलनशील हैं जबकि अध्रुवीय कार्बनिक विलायकों में कम।
(3) ताप का प्रभाव (Effect of temperature )
`cdot` जब किसी गैस को द्रव में घोला जाता हैं तो ऊष्मा मुक्त होती है। अतः गैसों की द्रव में विलेयता ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया है।
`underset (गैस)CO_(2) underset(द्रव)H_(2)O to H_(2)CO_(3) + ऊष्मा`
`cdot` अतः स्थिर दाब पर , ताप बढ़ाने पर गैस की विलेयता घटती है।
`cdot` अधिकांश गैसों को उनके विलयन को उबालने से लगभग पूर्णतः मुक्त कराया जा सकता है।
`cdot`कुछ गैसें जैसे `H_(2)` एवं He ऐसी भी हैं जिन्हें घोलने पर ऊष्मा का अवशोषण होता हैं। ऐसी गैसों की विलेयता ताप में वृद्धि करने पर बढ़ती है।
(4) विलायक में अन्य पदार्थों की उपस्थिति ( Presence of other Substances in Solvent )
`cdot` यदि विलायक में कोई विद्युत् अपघटय या कार्बनिक पदार्थ आदि अन्य पदार्थ उपस्थित हो तो गैसों की द्रव में विलेयता घट जाती है।
(5) दाब का प्रभाव (Effect of pressure)
`cdot` एक निश्चित ताप पर गैसों की विलेयता पर दाब के प्रभाव के अध्ययन करने पर पाया गया है कि दाब बढ़ाने पर गैसों कि विलेयता बढ़ती है।
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