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PHYSICS
बरनूली समीकरण व्युत्पत्र करने में हमने न...

बरनूली समीकरण व्युत्पत्र करने में हमने नली में भरे तरल पर किए गए कार्य को तरल की गतिज तथा स्थितिज ऊर्जाओं में परिवर्तन के बराबर मान था (a) यदि क्षयकारी बल उपस्थित है, तब नली के अनुदिश तरल में गति करने पर दाब में परिवर्तन किस प्रकार होता है? (b) क्या तरल का वेग बढ़ने पर क्षयकारी बल अधिक महत्वपूर्ण हो जाते है? गुणात्मक रूप से चर्चा कीजिए।

लिखित उत्तर

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बरनूली प्रमेय से हम जानते है-
दाब ऊर्जा में प्रति सेकण्ड कमी =प्रति सेकण्ड गतिज ऊर्जा में वृद्धि+ प्रति सेकण्ड स्थितिज ऊर्जा में वृद्धि
यदि हम श्याम बलों को नगण्य मानते है तब हम देखते है कि जब तरल निचले किनारे से ऊपरी किनारे की ओर प्रवाहित होता है, दाब कम होने के कारण दबा ऊर्जा कम हो जाती है। यदि क्षेयिक बल उपस्थित हो, तब दाब ऊर्जा का एक भाग द्रव प्रवाह के समय इनको पराभूत करने के काम आ जाता है, इसलिए दाब में जब द्रव नली के अनुदिश बहता है, कमी अधिक होगी।
(b) हाँ, जब तरल वेग बढ़ता है तो क्षेयिक बल अधिक प्रमुख हो जाते है। न्यूटन के नियम से हम जानते है कि श्यान बल
`F=-etaA(dv)/(dx)`
यहाँ पर जैसे-जैसे V का मान बढ़ता है वैसे ही विभव प्रवणता का मान बढ़ता है। इस कारण से श्यान बल का मान भी बढ़ जाता है।
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