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PHYSICS
एक व्यक्ति का पृथ्वी पर भार 600 न्यूटन ह...

एक व्यक्ति का पृथ्वी पर भार 600 न्यूटन है। चन्द्रमा का गुरुत्वीय क्षेत्र पृथ्वी के गुरुत्वीय क्षेत्र का `1//6` भाग है। अतः (i) चन्द्रमा पर व्यक्ति का भार कितना होगा? (ii) यदि वह व्यक्ति पृथ्वी पर 2 मीटर ऊँचा कूद सकता है, तो चन्द्रमा पर कितना ऊँचा कूद सकेगा? (iii) व्यक्ति का पृथ्वी पर द्रव्यमान कितना है? चन्द्रमा पर? (पृथ्वी पर g = 10 न्यूटन/किग्रा)

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एक संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान क विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते। वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

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