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BIOLOGY
मेण्डल के पृथक्क़रण के नियम की उदाहरण सहि...

मेण्डल के पृथक्क़रण के नियम की उदाहरण सहित समझाइये |

लिखित उत्तर

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मेण्डल का पृथक्क़रण का नियम- इस नियम के अनुसार, युग्मक निर्माण के समय युग्म विकल्पी या अलील युग्म के दोनों अलील पृथक ही अलग - अलग युग्मको में जाते है अर्थात युग्मक किसी भी लक्षण के लिए हमेशा शुद्ध होते है, इसलिए इसे युग्मको की शुद्धता का नियम भी कहते है |
यह नियम मेण्डल के एकसंकर संकरण के परिणामो पर आधारित है | यह नियम इस तथ्य की भी पुष्टि करता है कि अलील या युग्म विकल्पी किसी भी अवस्था में समीक्ष नहीं बनाते अतः समीक्ष वंशागति को इस नियम द्वारा अस्वीकृत किया जा सकता है |
युग्मको के संलयन से अश्लील की युग्मित अवस्था पुनः स्थापित हो जाती है |
उदाहरण के लिए- यदि समयुग्मजी लम्बे (TT) एवं समयुग्मजी बौने (tt) पौधों में संकरण कराया जाता है तो `F_(1)` पीढ़ी में सभी संकर अर्थात विषमयुग्मजी होते है |

समयुग्मजी पौधों से युग्मक बनते समय युग्म विकल्पी अलग-अलग हो जाते है TT पौधा केवल एक प्रकार (T) के युग्मक बनाता है जबकि tt पौधे से (t) प्रकार के युग्मक बनते है, इसे निम्नलिखित प्रकार प्रदर्शित किया जा सकता है |
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