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BIOLOGY
विश्व अन्तरिक्ष अभियान में भारत का महत्व...

विश्व अन्तरिक्ष अभियान में भारत का महत्व समझाइए।

लिखित उत्तर

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भारत में अन्तरिक्ष अनुसंधान के प्रयास का प्रारंभ 1948 में अहमदाबाद में भीं तक अनुसंधान प्रयोगशाला के रूप में हुआ। भारत जल्द ही चन्द्रयान-द्वितीय को चन्द्रमा की कक्षा में स्थापित कर एक गाड़ी चन्द्रमा की सतह पर उतारने वाला है। इस गाड़ी पर लंगे यन्त्र चन्द्र सतह की जाँच कर जानकारी भारत को भेजेगा। भारत सूर्य का अध्ययन करने हेतु आदित्ययान भेजने की योजना भी बना रहा है।
विश्व अन्तरिक्ष अभियान में भारतवर्ष ने जून 2016 में एकसाथ 20 उपग्रह अन्तरिक्ष में प्रक्षेपित करके नया रिकॉर्ड .बनाया हैं और कीर्तिमान स्थापित किया हैं। इनमें से 17 उपग्रह विदेशी थे। आज विश्व के अनेक उन्नत और उन्नतशील राष्ट्रों में भारतीय इसरों संस्थान की प्रतिष्ठा स्थापित हुई है और विदेशों में भारतीय तकनीक और वैज्ञानिक क्षमता का महत्व स्थापित हुआ है।
2014 में भारत ने अपने प्रथम प्रयास में ही मंगलयान को अंतरिक्ष में सफलतापूर्वक स्थापित कर लिया। आगे यह अभियान सतत् जारी है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान परिषद की स्थापना में डॉ० विक्रम साराभाई की भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।
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