Home
Class 12
MATHS
एक व्यक्ति 80% सत्य बोलता है और दूसरा 90...

एक व्यक्ति `80%` सत्य बोलता है और दूसरा `90%`, तो एक ही तथ्य के विषय में
सहमत होने की क्या प्रायिकता है?

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A man spends 75% of his income. If his income increases by 28% and his expenditure increases by 20%, then what is the increase or decrease percentage in his saving ? एक आदमी अपनी आय का 75% खर्च करता है। यदि उसकी आय में 28% की वृद्धि होती है और उसके व्यय में 20% की वृद्धि होती है, तो उसकी बचत में वृद्धि या कमी का प्रतिशत कया है?

The marked price of an article is Rs.550. A shopkeeper allows a discount of 20% and still gets a profit of 10%. If he sells it for Rs.470, his profit percentage will be: एक वस्तु का अंकित मूल्य 550 रुपये है | एक दुकानदार 20% की छूट देता है और फिर भी 10% लाभ कमाता है | यदि वह इसे 470 रुपये में बेचता है, तो लाभ का प्रतिशत क्या होगा ?

The income of A is 50% more than that of B. If the income of A is increased by 40% and the income of B is increased by 90%, then the percentage increase in their combined income will be: A की आय B की आय से 50% अधिक है | यदि A की आय 40% से बढ़ा दी जाए और B की आय 90% से बढ़ा दी जाए, तो उनकी होगी संयुक्त आय में कितने प्रतिशत की वृद्धि होगी ?

Manvendra earns Rs. 15000 per month and spends 80% of it. Due to pay revision, his monthly income has increased by 20%,but due to price rise, he has to spend 20% more. His new savings are मानवेंद्र प्रतिमाह 15000 रुपये कमाता है और उसका 80% व्यय करता है। वेतन में संशोधन के कारण उसकी मासिक आय में 20% की वृद्धि हुई है, किन्तु वस्तुओं के मूल्य बढ़ जाने से उसे अब 20% अधिक व्यय करना पड़ता है। उसकी नयी बचत है?

The ratio of the incomes of A and B is 2:3 and that of their expenditures is 1:2. If 90% of B’s expenditure is equal to the income of A, then what is the ratio of the savings of A and B? A और B की आय का अनुपात 2: 3 है और उनके व्यय का अनुपात 1: 2 है यदि B के व्यय का 90% A की आय के बराबर है तो A और B की बचत का अनुपात कितना है?

एक संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान क विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते। वास्तविक संस्कृत व्यक्ति वह है जो

एक संस्कृत व्यक्ति किसी नई चीज की खोज करता है, किन्तु उसकी सन्तान को वह अपने पूर्वज से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी सन्तान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भाँति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकता। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धान्त का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान क विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित ही रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नहीं कह सकते। सभ्य व्यक्ति वह है जो

एक संस्कृत व्यक्ति किसी चीज़ की खोज करता है, किन्तु उसकी संतान को वह अपने पूर्वजों से अनायास प्राप्त हो जाती है। जिस व्यक्ति की बुद्धि ने अथवा उसके विवेक ने किसी भी नए तथ्य का दर्शन किया, वह व्यक्ति ही वास्तविक संस्कृत व्यक्ति है और उसकी संतान जिसे अपने पूर्वज से वह वस्तु अनायास ही प्राप्त हो गई है, वह अपने पूर्वज की भांति सभ्य भले ही बन जाए, संस्कृत नहीं कहला सकती। एक आधुनिक उदाहरण लें। न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण के सिद्धांत का आविष्कार किया। वह संस्कृत मानव था। आज के युग का भौतिक विज्ञान का विद्यार्थी न्यूटन के गुरुत्वाकर्षण से तो परिचित है ही, लेकिन उसके साथ उसे और भी अनेक बातों का ज्ञान प्राप्त है, जिनसे शायद न्यूटन अपरिचित रहा। ऐसा होने पर भी हम आज के भौतिक विज्ञान के विद्यार्थी को न्यूटन की अपेक्षा अधिक सभ्य भले ही कह सकें, पर न्यूटन जितना संस्कृत नही कह सकते। 'न्यूटन ने गुरुत्वाकर्षण बल की खोज की वाक्य को कर्मवाच्य में बदलिए!

Recommended Questions
  1. एक व्यक्ति 80% सत्य बोलता है और दूसरा 90%, तो एक ही तथ्य के विषय में ...

    Text Solution

    |

  2. एक निर्माणकर्ता का मानना है की पुरुष और महिला मजदूरों की दक्षता समान ह...

    Text Solution

    |

  3. एक व्यक्ति के एक कदम आगे चलने की प्रायिकता 0.4 तथा एक कदम पीछे हटने की...

    Text Solution

    |

  4. एक छात्रा के धावक होने की प्रायिकता4/5 है। 5 छात्राओं मैं से 4 छात्राओ...

    Text Solution

    |

  5. एक व्यक्ति के एक कदम आगे चलने की प्रायिकता 0.4 तथा एक कदम पीछे हटने की...

    Text Solution

    |

  6. दो दल एक निगम के निदेशक मंडल में स्थान पाने की प्रतिस्पर्धा में है ...

    Text Solution

    |

  7. 52 पत्तो की एक भाँति फेंटी गई गड्डी में एक पत्ता खो जाता है। शेष पत...

    Text Solution

    |

  8. यदि शब्द PROBABILITY के अक्षर एक पंक्ति में यदृच्छया लिखे जाते है तो...

    Text Solution

    |

  9. यदि z एक सम्मिश्र संख्या है, तो निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?

    Text Solution

    |