वन्य जीवों के संरक्षण के लिए भारत में सन् 1972 में वन्य जीवन सुरक्षा अधिनियम बनाया गया है । वन्य जीवन के संरक्षण की दृष्टि से कुछ सुरक्षित क्षेत्र स्थापित किये गये इनमें राष्ट्रीय पार्क, वन्य जीव अभयारण्य, बायोस्फियर रिजर्व प्रमुख हैं।
राष्ट्रीय पार्क (Nationa Park) राष्ट्रीय पार्क वे प्राकृतिक क्षेत्र है जहाँ पर पर्यावरण के साथ-साथ वन्य जीवों का संरक्षण किया जाता है। इनमें पालतू पशुओं की चराई पर पूर्ण प्रतिबंध होता है व प्राइवेट संस्था द्वारा निजी कार्यों के लिए प्रवेश निषेध है। यद्यपि इनका कुछ भाग पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विकसित किया जा सकता है । इनका नियंत्रण, प्रबंधन एवं नीति निर्धारण केन्द्र सरकार के अधीन होता है । भारत में अभी तक 166 राष्ट्रीय उद्यान स्थापित किये जा चुके हैं।
भारत के प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान
अभयारण्य (Sanctuary)अभयारण्य भी संरक्षित क्षेत्र हैं, इनमें वन्य जीवों के शिकार एवं आखेट पर पूर्ण प्रतिबंध होता है। इनमें निजी संस्थाओं को उसी स्थिति में प्रवेश दिया जाता है, जब उनके क्रियाकलाप रचनात्मक हों एवं इससे वन्य जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता हो। भारत में अब तक 515 वन्य जीव अभयारण्य स्थापित किये जा चुके हैं। भारत में स्थित कुछ अभयारण्य हैं- नागाजुन सागर ( आन्ध्रप्रदेश), हजारी बाग प्राणी विहार (बिहार), नाल सरोवर प्राणी विहार (गुजरात), मनाली अभयारण्य (हिमाचल, प्रदेश), चन्द्रप्रभा प्राणी विहार (उत्तरप्रदेश), केदारनाथ प्राणी विहार (उत्तराखण्ड)। राजस्थान में स्थित कुछ अभयारण्य निम्नलिखित हैं-
राजस्थान के वन्य जीव अभयारण्ये एवं प्रमुख वन्य जीव
जीवमण्डल निचय या बायोस्फियर रिजर्व (Biosphere reserve) - ये वे प्राकृतिक क्षेत्र हैं जो वैज्ञानिक अध्ययन हेतु शांत क्षेत्र घोषित हैं । अब तक 128 देशों में 669 बायोस्फियर रिजर्व स्थापित किये जा चुके हैं जिनमें से भारत में 18 क्षेत्र हैं । भारत में प्रथम बायोस्फियर रिजर्व 1986 में नीलगिरी में अस्तित्व में आया। उदाहरण-राजस्थान-थार रेगिस्तान, मध्य प्रदेश-कान्हा, प. बगाल-सुन्दरबन, उत्तर प्रदेश-नन्दा देवी, असम-काजीरगा एवं मानस तथा अण्डमान निकोबार द्वीप समूह-ग्रेट निकोबार इत्यादि ।