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Class 10
PHYSICS
सर सी.वी. रमन के जीवन वृत्त एवं विज्ञान ...

सर सी.वी. रमन के जीवन वृत्त एवं विज्ञान में उनके योगदान का वर्णन करो।

लिखित उत्तर

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जीवन वृत्त : चन्द्रशेखर वेंकट रमन का जन्म 7 नवम्बर 1888 को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली शहर में हुआ था। उनके पिता का नाम चन्द्रशेखर अय्यर तथा माता का नाम अम्मल था। उनके पिता वाल्टेयर कॉलेज विशाखापटनम में भौतिक शास्त्र के प्राध्यापक थे। रमन ने इंटर की परीक्षा वाल्टेयर कॉलेज से प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की। 19 वर्ष की आयु में ही 1907 में भौतिक शास्त्र में एम.एससी. परीक्षा उत्तीर्ण की। रमन 19 वर्ष की आयु में वित्त विभाग की प्रतियोगिता परीक्षा में प्रविष्ट हुये। इस परीक्षा में उनका चयन हुआ। इस परीक्षा के विषय साहित्य, इतिहास, संस्कृत व राजनीति शास्त्र थे, जबकि वे स्वयं भौतिक शास्त्र के छात्र थे, फिर भी सफलता प्राप्त की। भारत सरकार ने उन्हें वित्त विभाग में उप महालेखापाल के पद पर नियुक्त किया। रमन 1917 में ही कलकत्ता विश्वविद्यालय में भौतिक शास्त्र विषय के प्रोफेसर बन गए। इसी पद पर रहते हुये उन्होंने वैज्ञानिक अनुसंधान से जुड़ाव बनाये रखा। रमन प्रभाव की महत्वपूर्ण खोज के लिये 1930 में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। भारत सरकार द्वारा रमन को 1949 में राष्ट्रीय प्राध्यापक नियुक्त किया। भारत के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से उन्हें 1954 में विभूषित किया गया। विभिन्न राष्ट्रों के बीच मैत्री विकसित करने के क्षेत्र में उनके विज्ञान संबंधी शान्तिपूर्ण कार्यों एवं प्रयासों के लिये उन्हें .लेनिन शान्ति पुरुस्कार. से भी सम्मानित किया गया। उनकी मृत्यु 20 नवम्बर 1970 में हुई । रमन प्रभाव की महत्वपूर्ण खोज के लिये एवं उनके सम्मान के लिये राष्ट्र हर वर्ष 28 फरवरी को विज्ञान दिवस मनाता है।
विज्ञान में योगदान
(1) रमन ने विभिन्न संगीत के वाद्ययंत्रों के ध्वनि सम्बन्धी गुणों की खोज की तथा तत्सम्बन्धित भौतिक सिद्धान्त प्रतिपादित किया। उन्होंने अपने अध्ययन में वीणा, मृदंग, तानपुरा आदि भारतीय वाद्य यंत्र तथा वायलिन, पियानो आदि विदेशी वाद्ययंत्रों को शामिल किया।
(2) सर सी.वी. रमन ने विश्व स्तर पर ख्याति प्राप्त रमन प्रभाव की खोज 1928 में की, जिसके लिये 1930 में उन्हें नोबेल पुरुस्कार प्राप्त हुआ। .रमन प्रभाव. को रमन प्रकीर्णन नाम से भी जाना जाता है। इसके अनुसार, जब प्रकाश किसी द्रव में से गुजरता है तो प्रकाश व द्रव के बीच अन्त:क्रिया होती है, जिसे प्रकाश का प्रकीर्णन कहते हैं।
(3) रमन ने ठोस, द्रव व गैस का अध्ययन करते हुये समुद्र के पानी प आकाश का रंग नीला होने की कारण सहित व्याख्या की
(4) रमन के अन्य वैज्ञानिक अनुसंधानों में चुम्बकीय शक्ति, एक्स किरणें पदार्थ की संरचना, वर्ण व ध्वनि पर आधारित अनुसंधान प्रमुख हैं |
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