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Class 10
BIOLOGY
ग्रसनी किस प्रकार श्वसन कार्य में सहायक ...

ग्रसनी किस प्रकार श्वसन कार्य में सहायक होती है?

लिखित उत्तर

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ग्रसनी एक पेशीय चिमनीनुमा रचना होती है। ग्रसनी तीन भागों में विभक्त होती है
(1) नासाग्रसनी (Nasopharynx)
(2) मुखग्रसनी (Oropharynx) < br> (3) अधोग्रसनी या कंठ ग्रसनी (Laryngo Pharynx)। ___ श्वसन क्रिया के दौरान वायु नासिका गुहा से गुजरने के बाद नासाग्रसनी से होती हुई मुखग्रसनी में आती है। मुख से ली गई श्वास सीधे मुखग्रसनी में तथा मुखग्रसनी से वायु कंठ-ग्रसनी से होते हुए घांटी ढक्कन (Epiglottis) के माध्यमसे स्वरयंत्र (Larynx) में प्रवेश करती है। घांटी ढक्कन एक उपास्थि की बनी संरचना है, जो श्वासनली एवं आहारनली के मध्य एक स्विच का कार्य करता है। चूँकि ग्रसनी भोजन निगलने में भी संहायक है, ऐसे में एपिग्लॉटिस एक ढक्कन के तौर पर कार्य करता है तथा यह सुनिश्चित करता है कि वायु श्वास नली में ही जाये तथा भोजन आहार नली में।
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