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BIOLOGY
मेरुरज्जु पर टिप्पणी लिखिए|...

मेरुरज्जु पर टिप्पणी लिखिए|

लिखित उत्तर

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(1) मेरुरज्जु (Spinal Cord)-मेरुरज्जु केन्द्रीय तंत्रिका तंत्र का भाग है। यह कशेरुकदण्ड में सुरक्षित रहता है। इसकी लम्बाई लगभग 45 सेमी. होती है। यह बेलनाकार खोखली सी रचना होती है। इसमें पृष्ठ खांच, अधरं खांच पाई जाती है। मेरुरज्जु के मध्य एक संकरी केन्द्रीय नाल (न्यूरोसील) पाई जाती है। दखिए आगे चित्र में।
इसमें भीतर की ओर धूसर –व्य (gray matter) व बाहर की ओर श्वेत द्रव्य (white matter) पाया जाता है। इसी द्रव्य से अधर श्रृंग व पृष्ठ शृंग का निर्माण होता है। पृष्ठ मूल में संवेदी तंत्रिका व अधर मल में चालक तंत्रिका पाई जाती है।
मेरुरज्जु के कार्य-(i) मेरुरज्जु प्रतिवर्ती क्रियाओं का नियमन व संचालन करता है।
(ii) शरीर के विभिन्न भागों एवं मस्तिष्क में तंत्रिकाओं द्वारा सम्बन्ध रखने का कार्य करता है।
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