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BIOLOGY
रेशे उत्पादक व इमारती काष्ठ उत्पादक पादप...

रेशे उत्पादक व इमारती काष्ठ उत्पादक पादपों का वर्णन कीजिये। 

लिखित उत्तर

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वस्त्र, रस्सी, झाड़, गददे, फर्नीचर, खिडकी, दरवाजे आदि के निर्माण में पौधों के विभिन्न भागों का उपयोग किया जाता है। रेशे एवं काष्ठ से सम्बन्धित कुछ उपयोगी पौधे इस प्रकार हैं-
रेशे उत्पादक पौधे (Fibre yielding plants)-पादपों के विभिन्न भागों जैसे तना, पर्ण, बीज आदि में मोटी भितियुक्त कोशिकीय संरचनाएँ बनती हैं, जिससे वस्त्र, बोरे, रस्सी इत्यादि बनाये जाते हैं, इन्हें रेशे कहते हैं। कुछ रेशे उत्पादक पादप निम्न प्रकार से हैं
(i) जूट-कोरकोरस कैप्सूलेरिस (Corchorus capsularis)- यह टीलियेसी (Tiliaceae) कुल का सदस्य है। इसमें रेशे साम्य से प्राप्त होते हैं तथा इसकी खेती रबी में की जाती है। जूट से रस्से, दरी, चटाई, पायदान आदि बनाये जाते हैं।
(ii) कपास या रुई-गोसिपियम जातियाँ (Gossypium spp.)-यह मालवेसी (Malvaceae) कुल का सदस्य है। इसमें कपास के रेशे बीज के बाह्य चोल के अधिचर्म से प्राप्त किये जाते हैं। इसकी बुवाई अप्रेल से जुलाई के बीच करते हैं तथा इसे काली मिट्टी में उगाया जाता है। इससे कपड़ा, रजाई, तकिये, अस्पताल में ड्रेसिंग में उपयोग करते हैं।
(iii) सन या सनई-क्रोटोलेरिया जुन्शिया (Crotolaria juncea)-यह लेग्यूमिनोसी (Leguminoceae) कुल का सदस्य है। यह खरीफ की फसल है तथा इसके रेशे स्तम्भ से प्राप्त होते हैं। इसका उपयोग रस्से, सूतली बनाने में किया जाता है।
(iv) नारियल-कोकोस न्यूसिफेरा (Cocos nucifera)—यह पामी (Palmae) कुल का सदस्य है । इसके फलों के बाहरी आवरण से रेशे प्राप्त किये जाते हैं। केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा व प. बंगाल में उगाया जाता है। इसके रेशे .कोयर. कहलाते हैं, जिनसे गद्दे, रस्सियाँ बनाई जाती हैं।
इमारती काष्ठ (Timber)-बहुवर्षीय द्विबीजपत्री एवं अनावृतबीजी वृक्षों में बनने वाले द्वितीयक जाइलम को काष्ठ (Wood) कहते हैं। वह काष्ठ जिससे फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियाँ आदि बनायी जाती हैं, उसे इमारती काष्ठ कहते हैं । कुछ प्रमुख इमारती काष्ठ उत्पादक वृक्ष निम्न प्रकार से हैं-
(i) सागवान-टेक्टोना ग्रेन्डिस (Tectona grandis)
(ii) साल-सोरिया रोबस्टा (Shorea robusta)
(iii) शीशम-डल्बर्जिया सिस्सू (Dalbergia sissoo)
(iv) रोहिड़ा या मारवाड़ सागवान–टेकोमेला अन्डुलेटा (Tecomella undulata)
(v) खेजड़ी (राज्य वृक्ष)-प्रोसोपिस सिनेरेरिया (Prosopis cineraria)
(vi) देवदार-सिड्रस देवदारा (Cedrus deodara)।
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