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BIOLOGY
रेशमकीट की विभिन्न अवस्थाओं के बारे में ...

रेशमकीट की विभिन्न अवस्थाओं के बारे में बताते हुए समझाइये कि रेशम कैसे बनता है? 

लिखित उत्तर

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रेशम प्राप्त करने के लिए रेशमकीट का पालन करते हैं। सर्वप्रथम रेशम कीट व रेशम निर्माण की खोज चीन में की गई। वर्तमान में अब यह कुटीर उद्योग बन चुका है।
रेशमकीट का जीवन परिचय-ऐसे कीट जो रेशम जैसा धागा उत्पन्न करते हैं, उन्हें रेशम कीट कहते हैं। इनमें से शहतूत की पत्तियों पर वृद्धि करने वाली रेशमकीट की जाति बॉम्बिक्स मोराई (Bombyx mori) प्रमुख है। इसके अतिरिक्त भी अन्य पौधों की पत्तियों पर पाए जाने वाले रेशमकीट होते हैं। वर्तमान में चीन व जापान के बाद भारत रेशम उत्पादन के क्षेत्र में तीसरे स्थान पर है। यह आर्थोपोडा संघ के इन्सेक्टा वर्ग के लैपीडोप्टेरा गण का सदस्य है। यह अच्छी गुणवत्ता की रेशम का उत्पादन करता है। यह कीट शहतूत (Mulberry) की पत्तियों से भोजन प्राप्त करता है, इस कारण इस रेशमकीट (Silk moth) को मल्बरी सिल्क शलम (Mulberry silk moth) कहते हैं। भारत में इसकी एक वर्ष में 2 से 7 तक पीढ़ियाँ तैयार कर ली जाती हैं।
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