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Class 10
CHEMISTRY
अम्ल व क्षार की आरेनियस संकल्पना को विस्...

अम्ल व क्षार की आरेनियस संकल्पना को विस्तार से समझाइए।

लिखित उत्तर

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आरेनियस (1887) के अनुसार जलीय विलयन में आयनित होकर हाइड्रोजन आयन देने वाले पदार्थ अम्ल तथा हाइड्रॉक्सिल आयन देने वाले पदार्थ क्षार कहलाते हैं।
अम्ल के उदाहरण-
`underset("हाइड्रोक्लोरिक अम्ल")(HCl_((aq))) to H_((aq))^+ + Cl_((aq))^(-)`
`underset("एसीटिक अम्ल ") (CH_3COOH_((aq))) to CH_3COO_((aq))^(-) + H_((aq))^+`
` underset("नाइट्रिक अम्ल") (HNO_(3_((aq)))) + H_((aq))^(+) + NO_(3_((aq))^(-)) `
यहाँ प्राप्त प्रोटॉन (`H^+`) अत्यधिक क्रियाशील होता है अत: यह जल से क्रिया करके हाइड्रोनियम आयन बना लेता है।
`H^+ + H_2 O to H_3O^+_((aq)) `
वे अम्ल जो जलीय विलयन में पूर्णत: आयनित हो जाते हैं, उन्हें प्रबल अम्ल कहते हैं जैसे-`HCI, H_2SO_4, HNO_3` इत्यादि जबकि वे अम्ल जो जलीय विलयन में पूर्णत: आयनित नहीं होते तथा कुछ मात्रा में अवियोजित अवस्था में भी रहते हैं, उन्हें दुर्बल अम्ल कहते हैं जैसे-`CH_3COOH, H_2CO_3 ` इत्यादि । क्षार के उदाहरण-
` underset("सोडियम हाइड्रॉक्साइड") (NaOH) to overset+ Na(aq) + Ooverset-H (aq) `
` underset("अम्येनियम हाइड्रॉक्साइड")(NH_4OH ) to Noverset(+)H_(4_((aq))) + Ooverset(-)H_((aq)) `
अम्लों के समान वे क्षार जिनका जलीय विलयन में पूर्ण आयनन हो जाता है, उन्हें प्रबल क्षार कहते हैं, जैसे-NaOH, KOH इत्यादि तथा वे क्षार जिनका जलीय विलयन में पूर्ण आयनन नहीं होता, उन्हें दुर्बल क्षार कहते हैं, जैसे- `NH_4OH, Mg(OH)_2` इत्यादि ।
वे अम्ल जिनमें `H^+` नहीं होता तथा वे क्षार जिनमें ` barOH` नहीं होता, उनका स्पष्टीकरण आरेनियस की धारणा से नहीं होता है।
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