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अपशिष्ट प्रबंधन पर लेख लिखिए।...

अपशिष्ट प्रबंधन पर लेख लिखिए।

लिखित उत्तर

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वर्तमान में अपशिष्ट एक वैश्विक समस्या है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कूड़ा प्रबंधन के प्रति असावधानी को आज गम्भीरता से लिया गया है और इससे वातावरण पर पड़ने वाले दुष्पभावो के प्रति चिंता प्रकट की गई है। भारत में अनेक नगर हैं जिसमें से कुछ महानगर हैं तथा प्रथम व द्वितीय श्रेणी के नगरों के अलावा अनेक कस्बे व गावं है | भारत में इन नगरों से प्रतिदिन लगभग एक लाख टन अपशिष्ट पदार्थ निकलते हैं। यह कूड़ा हमारे नगरों का सौन्दर्य बिगाड़ता है। गाँवों के व्यक्ति शहरी जीवन की ओर आकर्षित होकर शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं परन्तु ये सभी कूड़े के प्रति लापरवाह होते हैं। छोटे नगरों में कोष की कमी या अनुपयुक्तता के कारण प्रबंधन होने में कठिनाई होती है। ठेकेदारों का अभाव होता है। उनका समय पर भुगतान नहीं होने से भी यह समस्या उत्पन्न होती है। स्थानीय लोगों को अपने-अपने क्षेत्रों से निस्तारित कूड़े को अलग कर कूड़े से जैविक खाद, वर्मी कम्पोस्ट बनाने का रास्ता और आवश्यक प्रबधन विकसित करना अधिक सरल है।
रासायनिक खादों के बढ़ते दुष्प्रभाव व महंगे होने से इनके स्थान पर जैविक खाद का उपयोग किया जाना चाहिए। कूड़े का प्रबंधन व्यक्तिगत सावधानी से सम्भव है। यह सामाजिक कर्त्तव्य न होकर जीवन और पर्यावरण के अन्योन्याश्रय सम्बन्ध का निर्धारक जैविक कर्त्तव्य भी है। अपशिष्ट प्रबंधन परिवहन, संसाधन पुनर्चक्रण या अपशिष्ट के काम में प्रयोग की जाने वाली सामग्री का संग्रह है। अपशिष्ट प्रबंधन में ठोस, द्रव, गैस व रेडियोधर्मी पदार्थ होते हैं। प्रत्येक पदार्थ के साथ अलग-अलग तरीकों और विशेषज्ञता का प्रयोग किया जाता है। अपशिष्ट प्रबंधन का तरीका विकसित और विकासशील देशों में, गाँव और शहरों में आवासीय और औद्योगिक निर्माताओं के लिए अलग-अलग होता है।
अपशिष्ट पदार्थों के एकत्रीकरण एवं विस्तार की समस्या एक गम्भीर समस्या है। आज यह बड़े नगरों में है, कल छोटे नगरों में होगी। यही नहीं अपितु नगरीय विकास के साथ-साथ यह और विकट होती जाएगी। विकास एक नैसर्गिक प्रक्रिया है जिसे रोका नहीं जा सकता। आवश्यकता है उसे एक उचित दिशा देने की जिससे "अपशिष्ट रहित विकास. की कल्पना को मूर्तरूप दिया जा सके। यह कार्य उचित प्रबंधन द्वारा सम्भव है जिसे सरकारी तंत्र, स्वयंसेवी संस्थाओं और नागरिकों के सहयोग से किया जा सकता है।
भारत सरकार ने 1975 में शिवरामन समिति का गठन इस कार्य हेतु किया था जिसके सुझाव थे-बड़े-बड़े कूड़ेदानों की स्थापना, मानव द्वारा अपशिष्ट मल-मूत्र निष्कासन की उचित व्यवस्था, नगरों में कूड़ा-करकट उठाने की समुचित व्यवस्था, कूड़े के ढेरों को जलाकर भस्म करना आदि।
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  7. अपशिष्ट प्रबंधन पर लेख लिखिए।

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  8. अपशिष्ट के स्रोतों पर निबंध लिखिए।

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  9. अपने चारों ओर के वातावरण से विभिन्न अपशिष्ट पदार्थों की सूची बनाकर उन्...

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  10. अपने मोहल्ले या गाँव में अपशिष्ट प्रबंधन हेतु आप क्या करेंगे?

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