पर्यावरण को बचाने के लिए तीन प्रकार के R अर्थात् कम उपयोग (Reduce), पुनः चक्रण (Recycle) तथा पुन: उपयोग (Reuse) को लागू करके पर्यावरण को प्रभावी ढंग से सुरक्षित रखा जा सकता है -
(i) कम उपयोग (Reduce)-इसका अर्थ है कि कम से कम वस्तुओं का उपयोग करना। बिजली के पंखे, बल्ब, टेलीविजन आदि की आवश्यकता न होने पर स्विच बन्द करके बिजली की बचत की जा सकती है। टपकने वाले नल की मरम्मत करके जल की बचत कर सकते हैं। आहार को अनावश्यक व्यर्थ होने से बचाना।
(ii) पुनः चक्रण (Recycle)-इसका अर्थ है कि हमें प्लास्टिक, कागज, काँच, धातु की वस्तुएँ एवं ऐसे ही पदार्थों का पुनः चक्रण करके उपयोगी वस्तुएँ तैयार करनी चाहिए। जब तक अतिआवश्यक नहीं हो, इनका नया उत्पादन/संश्लेषण विवेकपूर्ण नहीं है। इनके पुनः चक्रण के लिए पहले हमें अपद्रव्यों को अलग करना चाहिए, जिससे कि पुनः चक्रण योग्य वस्तुएँ दूसरे कचरे के साथ भराव क्षेत्र में न फेंक दी जाएँ।
(iii) पुन: उपयोग (Reuse)यह पुनः चक्रण से भी अच्छा तरीका है क्योंकि पुन: चक्रण में कुछ ऊर्जा अवश्य व्यय होती है। पुनः उपयोग में वस्तु का बार-बार उपयोग करते हैं। जैसे-लिफाफों को फेंकने की अपेक्षा फिर से उपयोग में लिया जा सकता है। विभिन्न खाद्य पदार्थों के साथ आई प्लास्टिक की बोतलें, डिब्बे आदि का उपयोग रसोईघर में वस्तुओं को रखने के लिए किया जा सकता है।
