Home
Class 12
BIOLOGY
एक स्थलचर जंतु को इस योग्य होना चाहिए ता...

एक स्थलचर जंतु को इस योग्य होना चाहिए ताकि वह

A

मूत्र के द्वारा जल की अधिक मात्रा का उत्सृजन क़र सके

B

जल का संरक्षण क़र सके

C

त्वचा के माध्यम से लवणों को बाहर पंप (निष्कासन )क़र सके

D

मूत्र द्वारा लवणों की अधिक मात्रा का उत्सृजन क़र सके

लिखित उत्तर

Verified by Experts

The correct Answer is:
B
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन

    NEET PREVIOUS YEAR|Exercise बहुविकल्पीय प्रश्न|49 Videos
  • उच्च पादपों में प्रकाश-संश्लेषण

    NEET PREVIOUS YEAR|Exercise बहुविकल्पीय प्रश्न |92 Videos
  • कोशिका : जीवन की इकाई

    NEET PREVIOUS YEAR|Exercise MCQ|26 Videos
NEET PREVIOUS YEAR-उत्सर्जी उत्पाद एवं उनका निष्कासन -बहुविकल्पीय प्रश्न
  1. एक स्थलचर जंतु को इस योग्य होना चाहिए ताकि वह

    Text Solution

    |

  2. ग्लोमरूलस फिल्ट्रेट (निस्यंद ) में उपस्थित लाभदायक पदार्थो का पुनः अवश...

    Text Solution

    |

  3. ब्रुश किनारे लाक्षणिक गुण होता है-

    Text Solution

    |

  4. समीस्थ व दूरस्थ कुन्डलित नलिकाएं हिस्सा होती है

    Text Solution

    |

  5. समीस्थ व दूरस्थ कुन्डलित नलिकाएं हिस्सा होती है

    Text Solution

    |

  6. सामान्य अवस्थाओं में ,निम्न में से कोन एक वृक्क नलिका में पूर्ण पुनः अ...

    Text Solution

    |

  7. नाइट्रोजनी उत्सर्जी पदार्थ निम्न रूप में उत्सर्जीत किय जाते है

    Text Solution

    |

  8. ग्लोमेरुलर निस्यन्द से वृक्क नलिकाओं में ग्लूकोज का पुनः अवशोषण होता ह...

    Text Solution

    |

  9. निम्नलिखित में से कौन सा वृक्क नलिकाओं का भाग नहीं है?

    Text Solution

    |

  10. यदि वृक्कों में जल का पुनः अवशोषण न हो तो उत्तको पर क्या प्रभाव पड़ेगा ...

    Text Solution

    |

  11. यूरिक अम्ल नाइट्रोजनी अपशिष्ट होता है

    Text Solution

    |

  12. हैजा रोगी को "सेलाइन ड्रिप' दी जाती है क्योंकि

    Text Solution

    |

  13. आर्निथिन चक्र में, वर्ज्य पदार्थों का कौन-सा जोड़ा रक्त से पृथक कर दिय...

    Text Solution

    |

  14. यूरियोटेलिक (यूरिया उत्सर्जी) जन्तुओं में, यूरिया का निर्माण होता है-

    Text Solution

    |

  15. मानव वृक्क (गुर्दे) की आधारीय कार्यात्मक इकाई है

    Text Solution

    |

  16. सोलेनोसाइट्स/ज्वाला कोशिकाएँ मुख्य उत्सर्जी अंग हैं

    Text Solution

    |

  17. दूरस्थ कुण्डलित तथा संग्रह नलिका की जल के लिए पारगम्यता वृक्क नलिकाओं ...

    Text Solution

    |

  18. कशेरुकियों में सांद्रित (अतिप्रसरि ) मूत्र का बनना निर्भर करता है

    Text Solution

    |

  19. केंचुएं के एन्टेरोनेफ्रिक वृक्क सम्बन्धित होते है

    Text Solution

    |

  20. निम्न में से कौन सा सुमेलित जोड़ा है

    Text Solution

    |

  21. हाइड्रा में ,भोजन पाचन के अपशिष्ट पदार्थ तथा नाइट्रोजनी व्यर्थ पदार्थ ...

    Text Solution

    |