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PHYSICS
नियत त्वरण के अधीन सरल रेखा में गतिमान ए...

नियत त्वरण के अधीन सरल रेखा में गतिमान एक वस्तु दूसरे सेकण्ड में 12 मीटर तथा चौथे सेकण्ड में 20 दूरी तय करती है।
(i) वस्तु का प्रारम्भिक वेग तथा त्वरण ज्ञात कीजिए।
(ii)5 सेकण्ड के बाद अगले 4 सेकण्ड में वस्तु द्वारा तय दूरी क्या होगी?

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एक बस 3 घण्टे में 126 किमीo तथा एक ट्रेन 5 घण्टे में 315km दूरी तय करते है। बस तथा ट्रेन की चालों का अनुपात ज्ञात करो।

वस्तु द्वारा एकांक समय में तय की गयी दूरी क्या कहलाती है

A man can row a boat in still water at a speed of 5 m/s. He covers a stretch of 200 m in a river downstream during high and low tides in 10 s and 25 s respectively. What is the ratio of the speed (in m/s) of the water flowing in the river during high and low tides? एक व्यक्ति अपनी नाव स्थिर जल में 5 मी/सेकंड की चाल से चलाता है | वह धारा के अनुकूल उच्च और निम्न ज्वार में नदी में 200 मी का एक पड़ाव क्रमशः 10 सेकंड और 25 सेकंड में पार करता है | उच्च तथा निम्न ज्वार के दौरान नदी में बहने वाले पानी की चाल ( मीटर/सेकंड ) में अनुपात ज्ञात करें |

A train travels the distance between stations P and Q at a speed of 126 km/h, while in the opposite direction it comes back at 90 km/h. Another train travels the same distance at the average speed of the first train. The time taken by the second train to travel 525 km is: एक ट्रेन 126 किमी/घंटा की चाल से स्टेशनों P और Q के बीच की दूरी तय करती है, जबकि विपरीत दिशा में यह 90 किमी/घंटा की चाल से वापस आती है। दूसरी ट्रेन पहले ट्रेन की औसत चाल से समान दूरी तय करती है। 525 किमी की यात्रा के लिए दूसरी ट्रेन द्वारा लिया गया समय है:

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरत्रि का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। कालिदास के प्रकृति वर्णन का आधार है

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये सौन्दर्य की परख अनेक प्रकार से की जाती है। बाह्य सौन्दर्य की परख समझना तथा उसकी अभिव्यक्ति करना सरल है। जय रूप के साथ चरित्र का भी स्पर्श हो जाता है तब उसमें रसास्वादन की अनुभूति भी होती है। एक वस्तु केवल इन्द्रियों को सन्तुष्ट करती है, जबकि मनोरम वस्तु चित को भी आनन्दित करती है। इस दृष्टि से कवि जयदेव का वसन्त चित्रण सुन्दर है तथा कालिदास का प्रकृति वर्णन मनोहर है, क्योंकि उसमें चरित्र की प्रधानता है। 'सुन्दर' शब्द संकीर्ण है, जबकि 'मनोहर' व्यापक तथा विस्तृत है। साहित्य में साधारण वस्तु भी विशेष प्रतीत होती है तथा उसे मनोहर कहते हैं। रसास्वादन की अनुभूति का बोध होता है

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