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PHYSICS
चित्र 12.10 के परिपथ आरेख में मान लीजिये...

चित्र 12.10 के परिपथ आरेख में मान लीजिये प्रतिरोधकों `R_(1),R_(2)` तथा `R_(3)` के मान क्रमशः `5 Omega, 10 Omega, 30 Omega` हैं तथा इन्हें 12 V की बैटरी से संयोजित किया गया हैं। a) प्रत्येक प्रतिरोधक से प्रवाहित विघुत धारा b) परिपथ में प्रवाहित कुल विघुत धारा तथा c) परिपथ का कुल प्रतिरोध परिकलित कीजिये।

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The table given below shows the, production of maize by 5 different states as a precentage of total production. Each state produces only maize and rice. There are three types of rice-R1,R2 and R3. The table also shows the R1 type of rice produced as a percentage of total rice production and the ratio of R2 and R3 type of rice. Total production by each state is 625000. नीचे दी गई तालिका 5 विभिन्न राज्यों दवारा किए गए मक्के के उत्पादन को कुल उत्पादन के प्रतिशत के रूप में दर्शाती है। प्रत्येक राज्य केवल मक्का तथा चावल का ही उत्पादन करता है। चावल के तीन प्रकार-R1,R2 तथाR3 हैं। यह तालिका R1 प्रकार के चावल के उत्पादन को कुल चावल के उत्पादन के प्रतिशत के रूप मे दर्शाती है। R2 तथा R3 प्रकार के चावल के अनुपात को दर्शाती है। प्रत्येक राज्य दवारा कुल उत्पादन 625000 है। A= Average of the R3 type of rice produced by state H,R,S and X together. B= Difference between the R2 type of rice produced by state T and R1 type of rice produced by state R. What is the value of B-A? A=राज्य H,R,S तथा X द्वारा मिलकर उत्पादित R3 प्रकार के चावल का औसत। B= राज्य T द्वारा उत्पादित R2 प्रकार के चावल तथा राज्य R द्वारा उत्पादित R1 प्रकार के मध्य अंतर। B-A कपा मान क्या है?

The table given below shows the, production of maize by 5 different states as a precentage of total production. Each state produces only maize and rice. There are three types of rice-R1,R2 and R3. The table also shows the R1 type of rice produced as a percentage of total rice production and the ratio of R2 and R3 type of rice. Total production by each state is 625000. नीचे दी गई तालिका 5 विभिन्न राज्यों दवारा किए गए मक्के के उत्पादन को कुल उत्पादन के प्रतिशत के रूप में दर्शाती है। प्रत्येक राज्य केवल मक्का तथा चावल का ही उत्पादन करता है। चावल के तीन प्रकार-R1,R2 तथाR3 हैं। यह तालिका R1 प्रकार के चावल के उत्पादन को कुल चावल के उत्पादन के प्रतिशत के रूप मे दर्शाती है। R2 तथा R3 प्रकार के चावल के अनुपात को दर्शाती है। प्रत्येक राज्य दवारा कुल उत्पादन 625000 है। What is the total production of maize by the state S and R and the total production of R2 types of rice by the state X and T? राज्य X तथा T द्वार मक्के का कुल उत्पादन तथा राज्य S तथा R द्वारा R2 प्रकार के चावल के कूल उत्पादन का योग क्‍या हे?

The table given below shows the, production of maize by 5 different states as a precentage of total production. Each state produces only maize and rice. There are three types of rice-R1,R2 and R3. The table also shows the R1 type of rice produced as a percentage of total rice production and the ratio of R2 and R3 type of rice. Total production by each state is 625000. नीचे दी गई तालिका 5 विभिन्न राज्यों दवारा किए गए मक्के के उत्पादन को कुल उत्पादन के प्रतिशत के रूप में दर्शाती है। प्रत्येक राज्य केवल मक्का तथा चावल का ही उत्पादन करता है। चावल के तीन प्रकार-R1,R2 तथाR3 हैं। यह तालिका R1 प्रकार के चावल के उत्पादन को कुल चावल के उत्पादन के प्रतिशत के रूप मे दर्शाती है। R2 तथा R3 प्रकार के चावल के अनुपात को दर्शाती है। प्रत्येक राज्य दवारा कुल उत्पादन 625000 है। F= Total production of R2 type of rice by all the states. K= Average of total production of R1 type of rice by all the states. What is the value of K/F? F= सभी राज्य दवारा R2 प्रकार के चावल का कुल उत्पादन। K= सभी राज्य दवारा R1 प्रकार के चावल का कुल उत्पादन का औसत। K/F का मान क्या है?

The table given below shows the information about bats manufactured by 6 different companies. Each company labels these bats as Brand A or Brand B. The table shows the number of plastic bats as a percentage of total bats manufactured by each company. It also shows the ratio of wooden bats labeled A and B. Each company manufactured a total of 550,000 bats. नीचे दी गई तालिका 6 विभिन्न कंपनियों दवारा उत्पादित बल्लो के बारे में जानकारी को दर्शाती है। प्रत्येक कंपनी केवल प्लास्टिक तथा लकड़ी के बल्लो का उत्पादन करती है। प्रत्येक कंपनी इन बल्लो के ब्राण्ड A अथवा ब्राण्ड B के रूप में लेबल करती है। तालिका में प्रत्येक कंपनी द्वारा उत्पादित कुल बललों की सख्या को दर्शाया गया है। यह A तथा B ब्राण्ड के लकंडी, के बललों के अनुपात को भी दर्शाती है। प्रत्येक कंपनी का उत्पादन कुल 550,000 बल्ले है। N = Wooden bats of Brand B manufactured by U. M = Total wooden bats manufactured by R and W together. What is the value of N/M? N =U द्वारा उत्पादित ब्राण्ड B के लकड़ी के बल्लें M=R तथा W द्वारा मिलकर उत्पादित कुल बल्लें N/M का मान क्या है?

निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के सही विकल्प चुनिये वायु प्रदूषण आज की प्रमुख समस्या है। जंगलों के कटने तथा खनिज ईंधन के जलने से वायु में कार्बन डाई-ऑक्साइड की मात्रा दिनों बढ़ रही है। विश्व पर्यावरण विकास आयोग' के अनुसार औद्योगीकरण के पूर्व वायु के प्रति 10 लाख में 280 कार्बन डाई-ऑक्साइड' थी। यह घनत्व अस्सी के दशक में 340 पहुंच गया तथा इक्कीसवीं शताब्दी के मध्य से अन्त तक यह 560 तक पहुंच जाएगा। फोम, रबर, रेफ्रिजरेशन, एयरोसोल कारखानों से वातावरण में घुलती गैस से प्राणवायु के स्रोत 'ओजन परत' के टूटने का खतरा 1986 में विदित हुआ है। अन्तरिक्ष में विभिन्न उपग्रहों को स्थापित करते समय वायुमण्डल की ओजोन प्रभावित होती है। विषभरी गैसें भवनों को भी प्रभावित करती हैं। वृक्ष वातावरण को शुद्ध करते हैं। एक औसत श्रेणी का वृक्ष 50 वर्षों में 50 हजार किलोग्राम ऑक्सीजन देता है। इन्हें काटकर मनुष्य वातावरण के सन्तुलन को बिगाड़ रहे हैं और वायु प्रदूषण को बढ़ावा दे रहे हैं। ओजोन परत टूटने का खतरा कब विदित हुआ

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

बौद्ध शिक्षण पद्धति का आरम्भ स्वयं बुद्ध ने सरल तथा जनमानस की भाषा में जीवन के तत्त्वों के उपदेश तथा जगह-जगह चर्चा करके किया। लोगों को शिक्षित करने के लिए महात्मा बुद्ध ने व्याख्यान, प्रश्नोत्तर प्रासंगिक उपमा, दृष्टान्त एवं कथा को माध्यम बनाया बुद्ध के बाद से बौद्ध शिक्षा पद्धति भी एक निश्चित स्वरूप, संगठन के साथ हिन्दू शिक्षा पद्धति से अलग स्वतन्त्र शिक्षा पद्धति के रूप में विकसित हुई। प्रारम्भ में हिन्दू तथा बौद्ध शिक्षा पद्धति के मूल में कोई विशेष अन्तर नहीं था, किन्तु बाद में आकर दोनों शिक्षा प्रणालियों के आदर्श एवं पद्धति में विशेष रूप से उस पाठ्यक्रम में जो विशेष रूप से आम उपासक की बजाय बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणियों के लिए था, बहुत कम समानता रह गई थी। बौद्ध धर्म में शिक्षा प्रारम्भ संस्कार ब्राह्मणों के उपनयन संस्कार की भाँति होता था। बौद्ध संघ में सम्मिलित होने के लिए दो संस्कार आवश्यक थे प्रथम था 'पब्बज्जा' तथा दूसरा उपसम्पदा पब्बज्जा से उपासकत्व का प्रारम्भ होता था। उपनयन की भाँति इसे भी आध्यात्मिक जन्म कहा गया है। यह 8 वर्ष से अधिक आयु के किसी भी व्यक्ति को दी जा सकती थी। संरक्षक की अनुज्ञा इसके लिए आवश्यक थी। व्यक्ति को तीन प्रकार की शरण की शपथ एवं दस धर्मादेश दिए जाते थे। ये शरण बुद्ध धर्म एवं संघ की होती थी। दस धर्मादेशों में निम्न की मनाही थी 1 1। पारिवारिक जीवन 2। ऐसी वस्तु ग्रहण करना जो दी न हो 3। अशुद्ध आचरण 4। झूठ बोलना 5। मादक द्रव्यों का सेवन 6। असमय भोजन 7। नृत्य-गायन 8। पुष्प माला, इत्र, गहने आदि का प्रयोग 9। उच्च आसन का प्रयोग 10। सोना एवं चाँदी की प्राप्ति बौद्ध शिक्षा पद्धति में शिक्षा देने हेतु निम्नलिखित में से किसे माध्यम बनाया जाता था?

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