धातुओं की प्राप्ति|खनिज एवं अयस्क|धातुकर्म|अयस्क के सांद्रण की विधियाँ|गुरुत्व पृथक्करण विधि|फैन प्लवन विधि|चुम्बकीय पृथक्करण विधि|निक्षालन|अयस्क से धातु प्राप्त करना|धातु कर्म के सिद्धांत|भर्जन एवं निस्तापन में अंतर|सारांश
दोहरान |वात्या भट्टी |कॉपर पाइराइट से तांबा प्राप्त करना |NCERT के मध्य वाले प्रश्न |Summary
अम्ल,क्षार एवं लवण क्या है |आरहीनियस द्वारा अम्ल एवं भस्म की परिभाषा |अम्ल एवं क्षार की ब्रॉन्स्टेड लॉरी अवधारणा |अम्ल एवं क्षार की लुईस अवधारणा |क्षार या क्षारक |सूचक |अमलों की धातु के साथ अभिक्रिया | क्षार की धातु के साथ अभिक्रिया |धातु के कॉर्बनेट एवं बाइकॉर्बनेट से अमलों की अभिक्रिया |उदासिनिकारण अभिक्रिया |धातु के ऑक्साइड की अम्ल से अभिक्रिया |अधातु के ऑक्साइड की क्षार से अभिक्रिया |तनुकराण|Some Important Questions
क्षार की धातु के साथ अभिक्रिया|धातु के कार्बोनेट एवं बाइकार्बोनेटसे अम्लों की अभिक्रिया|चुने के पानी में कार्बन डाई ऑक्साइड प्रवाहित करवाना|उदासिनीकरण अभिक्रिया|धातु के ऑक्साइड की अम्ल से अभिक्रिया|अधातु के ऑक्साइड की क्षार से अभिक्रिया|सभी अम्लों एवं क्षारों में क्या समानता है?|ग्लूकोस एवं एल्कोहॉल विद्युत का चालन नहीं करते है|सारांश