Home
Class 10
SCIENCE
उपचयन व अपचयन /रेडॉक्स अभिक्रिया तथा इनक...

उपचयन व अपचयन /रेडॉक्स अभिक्रिया तथा इनके प्रभाव जैसे संक्षारण | विकृतिगंधिता

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीरकरण अभिक्रिया और अपचयन अभिक्रियाँ में अंतर|संक्षारण|विकृति गंधा|NCERT अभ्यास प्रश्न|सारांश

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीरकरण अभिक्रिया और अपचयन अभिक्रियाँ में अंतर|संक्षारण|विकृति गंधा|NCERT अभ्यास प्रश्न|सारांश

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीरकरण अभिक्रिया और अपचयन अभिक्रियाँ में अंतर|संक्षारण|विकृति गंधा|NCERT अभ्यास प्रश्न|सारांश

रेडॉक्स अभिक्रिया |ऑक्सीकरण / अपचयन |अपचयन |Summary

विस्थापन अभिक्रिया |उभय-विस्थापन या दवि विस्थापन अभिक्रिया |ऑक्सीकरण अभिक्रिया |अपचयन अभिक्रिया |रेडॉक्स अभिक्रिया |ऑक्सीकारक एवं अपचायक |उत्क्रमणीय एवं अनुत्क्रमणीय अभिक्रिया |संक्षारण |सारांश

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीकरण अभिक्रिया|अपचयन अभिक्रिया|रेडॉक्स अभिक्रिया|ऑक्सीकारक एवं अपचायक|सारांश

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीकरण अभिक्रिया|अपचयन अभिक्रिया|रेडॉक्स अभिक्रिया|ऑक्सीकारक एवं अपचायक|सारांश

पिछले कक्षा का विवरण|ऑक्सीकरण अभिक्रिया|अपचयन अभिक्रिया|रेडॉक्स अभिक्रिया|ऑक्सीकारक एवं अपचायक|सारांश

प्रश्न |कुछ विस्थापन अभिक्रिया |ऑक्सीकरण अभिक्रिया |अपचयन अभिक्रिया |रेडॉक्स अभिक्रिया |सारांश

आधुनिक शिक्षण संस्थाएँ ही नहीं, बल्कि परिवार एवं समाज के अन्य सदस्य। भी अपने कार्य एवं व्यवहार से मनुष्य के शिक्षण में सहायक होते हैं। किसी भी क्षेत्र विशेष के लोगों पर उसके क्षेत्र का प्रभाव स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। यह प्रभाव भाषा ही नहीं व्यवहार में भी दिखाई पड़ता है। इस तरह की शिक्षा को अनौपचारिक शिक्षण के अन्तर्गत रखा जाता है। इस तरह सामान्य रूप से शिक्षा की दो प्रणालियाँ होती हैं-औपचारिक शिक्षा एवं अनौपचारिक शिक्षा। मुक्त विद्यालय एवं विश्वविद्यालय अनौपचारिक शिक्षा के ही उदाहरण हैं। इनके अलावा परिवार के सदस्य भी बालकों की शिक्षा में प्रत्यक्ष रूप से अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हैं। समुदाय के अन्य सदस्यों की भी इसमें सहभागिता होती है। बालक अपनी परम्परा एवं अपने रीतिरिवाजों को समाज के अन्य सदस्यों द्वारा ही सीखता है। बालकों पर उसके परिवेश उसके साथियों का भी प्रभाव पड़ता है। गलत संगति में बालकों में गलत आदतों का विकास अथवा आपराधिक प्रवृत्तियों में लिप्त हो जाना इसका उदाहरण है। औपचारिक शिक्षा में शिक्षण का स्थान सुनिश्चित होता है, जबकि अनौपचारिक में ऐसा नहीं। होता। औपचारिक शिक्षा में प्रवेश के लिए आयु-सीमा निर्धारित होती है, जबकि अनौपचारिक शिक्षा में ऐसी कोई बाध्यता नहीं होती है। अनौपचारिक शिक्षा के द्वारा शिक्षा से वंचित समाज के पिछड़े लोगों एवं प्रौढ़ों को शिक्षित करने में सहायता मिलती है। अनौपचारिक शिक्षा में औपचारिक शिक्षा जैसे कठोर नियम नहीं होते ये अत्यधिक लचीले होते हैं। अनौपचारिक शिक्षा के जरिए औपचारिक शिक्षा से वंचित समाज के पिछड़े लोगों को शिक्षित करने में सहायता मिलती है। प्रौढ़ शिक्षा एवं स्त्री शिक्षा इसी का उदाहरण है। औपचारिक शिक्षा समाजीय व्यवस्था की एक उपव्यवस्था के रूप में कार्य करती है। इस पर परिवार, संस्कृति, राज्य, धर्म, अर्थव्यवस्था एवं समाज के स्पष्ट प्रभाव होता है, क्योंकि यह इन सभी से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सम्बन्धित होता है। सिर्फ शिक्षा पर ही समाज का प्रभाव नहीं होता, बल्कि शिक्षा भी समाज को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती है। शिक्षा के परिणामस्वरूप ही भारत में स्त्रियों की स्थिति में सुधार हुआ है। शहरीकरण, सामाजिक स्थितियों में बदलाव, संयुक्त परिवारों का एकल परिवारों के रूप में विभाजन ये सभी शिक्षा का समाज पर प्रभाव स्पष्ट करते हैं। मानव किसकी सहायता से शिक्षा प्राप्त करता है?