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UPTU PREVIOUS YEAR PAPER-इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा सॉल्वड पेपर 2011-रसायन विज्ञान
- H(2)N-BF(3) में N और B पर औपचारिक आवेस पर ध्यान दीजिए और निम्नलिखित मे...
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- (i) CO(2),(ii)C Cl(4),(iii)C(6)Cl(6) और (iv)CO पर गौर कीजिए और निम्नलि...
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- साइक्लोहेक्सेन, मैथिल साइक्लोपेन्टेन, 1 ,3 -डाइमेथिल साइक्लोब्यूटेन और...
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- C(6)H(12) संघटन वाले अनु के लिए ऐसे कितने संरचनात्मक समावयवी सम्भव है ...
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- A और B में किरैल केन्द्रों के विन्यास क्रमशः है
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- निम्नलिखित में से कौन CH(3)CHBrC C CHO का सही आई०यू०पी ०ए०सी नाम है ?
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- निम्नलिखित योगिक का सही आई० यू० पी० ए० सी० नाम क्या है ?
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- निम्नलिखित वैगिकों में अम्लता का सही घटता क्रम है।
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- निम्नलिखित यौगिक में C(1)और C(2)पर विन्यास क्रमशः है
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- निम्नलिखित स्पीशीज 100W बल्ब प्रकाश में रखने पर अत्यधिक स्थीयी मुलक उत...
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- निर्जलीय ऐलुमिनियम क्लोराइड की उपस्थिति में बेन्जीन की 2 , 2 -डाइमेथिल...
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- निम्नलिखित में से कौन-सा ऐल्किल समूहों से उत्पन्न +I और -I प्रभाव तथा ...
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- उष्मागतिकीय स्थिति के अंतर्गत 2 - मैथिल-2 - ब्यूटिन की हाइड्रोब्रोमिक ...
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- बेन्जेल्डिहाइड की जलीय NaOH से अभिक्रिया तथा फिर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम...
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- वैकर प्रक्रम अन्तस्थ एल्कीनों के ऑक्सीकरण के लिए एक औद्योगिक प्रक्रिया...
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- निम्नलिखित में से कौन-से रसायन अमोनियामय सिल्वर नाइट्रेट के साथ सहमिश...
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- निम्नलिखित में से कौन विरंजक चूर्ण का गलत निरूपण करता/करते हैहैं
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- निम्न प्रदर्शित रासायनिक क्रिया से चंडी का औद्योगिक उत्पादन होता है। न...
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- निम्नलिखित युग्मों में से C(6)H(5)CO(2)Meऔर 2,6-Me(2)C(6)H(3)CO(2)ME,...
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- ग्लूकोस और फ्रक्टोस निम्नलिखित में से कौन-से यौगिकों के वर्ग को प्रदर्...
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(ii)`C_(6)H_(5)COOMe`तथा `C_(6)H_(5)CH_(2)COOMe`में से `C_(6)H_(5)CH_(2)COOMe` के कार्बोलिक कार्बन के साथ नाभिकस्नेही अपेक्षाकृत तीव्र अभिक्रिया देगा। क्योकि `C_(6)H_(5)COOMe` में बेंजीन वलय के `+M` प्रभाव के कारण कार्बोनिल कार्बन पर इलेक्ट्रान घनत्व बढ़ जाता है जो नाभिकस्नेही को पतिकर्षित करता है। इसके विपरीत `C_(6)H_(5)CH_(2)COOMe` में कार्बोनिल कार्बन बेन्जीन वलय के साथ संयुग्मित नहीं होता। अतः नाभिकस्नेही अभिक्रिया का सही कर्म है।
(iii) `CH_(3)COCH_(3)` तथा `CF_(3)COCH_(3)` में से `CF_(3)COCH_(3)` का कार्बोनिल कार्बन परमाणु नाभिकस्नेही के साथ अधिक तीव्रता अभिक्रिया से देगा। इसका कारण यह है कि `CF_(3)COCH_(3)` में तीन तीव्र इलेक्ट्रान आकर्षी `F` परमाणु उपस्थित है जो कार्बोनिल कार्बन परमाणु के इलेक्ट्रान न्यून बना देते है तथा यह नाभिकस्नेही के आक्रमण के लिए उपयुक्त स्थिति है। अतः नाभिकस्नेही अभिक्रिया में क्रियाशीलता का सही कर्म है।
(iv) `p-NO_(2)C_(6)H_(4)COOMe`तथा `P-MeOC_(6)H_(4)COOMe` में से `p-NO_(2)C_(6)H_(4)COOMe` के कार्बोनिल कार्बन पर नाभिकस्नेही का आक्रमण अपेक्षाकृत तीव्र होगा। क्योकि `-NO_(2)`समूह एक तीव्र इलेक्ट्रानआकर्षि समूह है ,अतः यह कार्बोनिल कार्बन पर धनावेश को बढ़ा देता है जो नाभिकस्नेही के आक्रमण के लिए उपयुक्त स्थिति है। इसके विपरीत `-OMe`समूह इलेक्ट्रान प्रतिकर्षी समूह है , अतः यह कार्बोनिल कार्बन पर धनावेश को कम क्र देता है। अतः नाभिकस्नेही अभिक्रिया में क्रियाशीलता का सही कर्म है। 