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Class 11
PHYSICS
चित्र 3.23 में किसी कण की एकविमीय सरल आव...

चित्र 3.23 में किसी कण की एकविमीय सरल आवर्ती गति के लिए x-t ग्राफ दिखाया गया है | (इस गति के बारे में आप अध्याय 14 में पढ़ेंगे) समय t=0.3 s, -1.2 s पर कण के स्थिति, बेग व त्वरण के चिन्ह क्या होंगे ?

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मुदिता अकसर 'श' को 'स' बोलती है। मुदिता की भाषा-शिक्षिका के रूप में आप इस स्थिति के बारे में क्या कहेंगे?

Six cameras G, H, P, S, K and I are placed in a row facing towards north (Not necessarily in the same order). S is placed second to the left of I. H is placed second to the right of G. K is placed third to the left of G. Which of the following statements is correct about camera I? छः कैमरे G, H, P, S, K और I एक पंक्ति में उत्तर की ओर मुख करके लगाए गए हैं, लेकिन ज़रूरी नहीं कि इसी क्रम में |S को I के बाएं दूसरे स्थान पर लगाया गया है | H को G के दायें को दूसरे स्थान पर लगाया गया है | K को G के बाएं को तीसरे स्थान पर लगाया गया है | कैमरा I के बारे में निम्न में से कौन सा कथन सही है ?

भारतीय साहित्य भारतीय संस्कृति के आधार पर विकसित हुआ है। इस संस्कृति में भारतीयता के बीज समाहित हैं। जब कभी-भी भारतीय अपनी पहचान का व्याख्यान करने को उत्सुक होता है, उसे अपनी जड़ से जोड़कर देखना चाहता है। यह केवल भारत व भारतीय के लिए ही आवश्यक नहीं है, बल्कि किसी भी देश के प्रान्त से जुड़ा हुआ मसला है। अपने को अन्य से 5 जोड़कर तर्क दिए जाते हैं। उसे अपनी जड़ से जोड़कर ही देखते हैं। वर्तमान में भारतीय संस्कृति व सभ्यता के बीच उपजी हुई विषय वस्तु को ही आधार बनाकर अपनी पहचान को जोड़ते हैं, जिसके कारण दक्षिण भारतीय या उत्तर भारतीय सभी भारतीय संस्कृति को टूटी कड़ियों से जोड़कर अपने आपको अलग स्थापित करते हैं। इसका परिणाम भारतीय स्तर पर विखण्डन के रूप में भी देखने को मिलता है। इस परिणाम के तहत भाषा व संस्कृति के आधार पर विभिन्न प्रान्तों का निर्माण भी सम्भव हो गया। यदि यही विखण्डित समाज भारतीय संस्कृति के मूल से जोड़कर अपने।को देखता होता तो भाषायी एकता भी बनती और क्षेत्रवाद का काला धुआँ, जो भारतीय आकाश पर मण्डरा रहा है, उसकी उत्पत्ति ही सम्भव नहीं हो पाती। इस सन्दर्भ में भारतीयता व उसके समीप उपजे साहित्य को सीमाओं में जाँचना जरूरी है। इसकी प्रकृति की खोज और इसके परिणामों की व्याख्या भारतीय साहित्य व भारतीयता के सन्दर्भ में खोजनी होंगी। भारतीयता के सन्दर्भ में साहित्य और समाज के सम्बन्धों को समझना आवश्यक है। साहित्य का जन्म समाज में ही सम्भव हो सकता है, इसलिए मानवीय संवेदनाओं को हम उनकी अभिव्यक्ति के माध्यम से समझ सकते हैं। यह अभिव्यक्ति समाज और काल में अलग-अलग रूपों में प्रकट हुई है। यदि हम पाषाण काल के खण्डों और उसके वन में ही रहने वालों की स्थिति को देखें, तो उनके विचार शब्दों में नहीं, बल्कि रेखाचित्रों में देखने को मिलते हैं। कई गुफाओं में इन समाजों की अभिव्यक्ति को पत्थर पर खुदे निशानों में देख सकते हैं। ये निशान उनके जन-जीवन में घटने वाली घटनाओं को प्रदर्शित करते नजर आते हैं। उनमें शिकार करते आदिमानव को देख सकते हैं, जो जीवन-यापन के साधन हैं। उन चित्रों में हल चलाने वाले किसानों की अभिव्यक्ति नहीं मिलती। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि वह समाज वनाचरण व्यवस्था में ही सिमटी या उनका जीवन-यापन शिकार पर ही केन्द्रित या सभ्यता के विकास की गाथा उसके जीवन में नहीं गाई जा रही थी, लेकिन समय की पहली धारा में जो प्रभाव देखे जाते हैं, वह सभ्यता के रूप में गिरे पड़े टूटे-फूटे प्राप्त ऐतिहासिक खोज में देख सकते हैं। भारतीय अपनी पहचान के व्याख्यान के लिए क्या करता है?

The pie-chart given below shows the expenses incurred by various departments of a company. Each expense is shown as a percentage of the company.s total expenditure. The central angles shown in the pie-chart are not according to any selected scale. नीचे दिया गया वृत्त आरेख किसी कंपनी के विभिन्न विभागों द्वारा किए खर्चों को दर्शाता है | प्रत्येक खर्च को कंपनी के कुल व्यय के प्रतिशत के रूप में दर्शाया गया है | वृत्त आरेख में दर्शाए गए केंद्रीय कोण किसी चयनित पैमाने के अनुसार नहीं हैं | What is the difference ( nearest to 0.1 degrees ) between the central angles subtended by the sectors D2 and D3 ? वृत्तखंड D2 तथा D3 द्वारा बनाये गए केंद्रीय कोणों के बीच क्या अंतर (0.1 डिग्री के लगभग) है?