Home
Class 12
PHYSICS
प्रति, अनु एवं लौह चुम्बकीय पदार्थो की प...

प्रति, अनु एवं लौह चुम्बकीय पदार्थो की परिभाषा लिखते हुए इनके गुणों (अ) चुम्बकीय के गुण का कारण, (ब) आपेक्षिक चुम्बकीय पारगम्यता, (स) चुम्बकीय प्रवृत्ति, (द) चुम्बकन तीव्रता तथा (य) चुम्बकीय प्रेरण के आधार पर तुलनात्मक विवेचन कीजिए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

प्रतिचुम्बकीय पदार्थ- वे पदार्थ, जो चुम्बकीय क्षेत्र से प्रतिकर्षित होते है, अर्थात जिन पर अधिक चुम्बकीय क्षेत्र के भाग से कम क्षेत्र के भाग की ओर बल कार्य करता है, जैसे पानी, सोडियम-क्लोराइड, ताम्बा, सीसा इत्यादि पर बल ऋणात्मक (विपरीत दिशा में) लगता है। इन पदार्थो को प्रतिचुम्बकीय पदार्थ कहते है। प्रतिचुम्बकीय सब अणुओं अथवा परमाणुओं का गुण है, परन्तु जब प्रतिचुम्बकीय के विपरीत प्रभाव अधिक प्रभावी होते है तो प्रतिचुम्बकीय प्रेक्षित नहीं हो पाता।
अनुचुम्बकीय पदार्थ- वे पदार्थ जो चुम्बकीय क्षेत्र द्वारा आकर्षण बल अनुभव करते है, अर्थात जिन पर कम चुम्बकीय क्षेत्र के भाग से तीव्र क्षेत्र के भाग की ओर क्षण बल कार्य करता है, अनुचुम्बकीय पदार्थ कहलाते है। इन पदार्थो पर बल लोहा, निकिल आदि पर लगने वाले बल के सापेक्ष बहुत कम होता है।
लौहा-चुम्बकीय पदार्थ- लोहा, निकिल, कोबाल्ट आदि की भाँति पदार्थ चुम्बकीय क्षेत्र की ओर तीव्र आकर्षण बल अनुभव करते है। ये लौह-चुम्बकीय पदार्थ कहलाते है।
तुलनात्मक विवेचन
गुण या प्रभाव-
(अ) चुम्बकत्व के गुण का कारण
(ब) आपेक्षिक चुम्बकीय पारगम्यता `(mu_(r))`
(स) चुम्बकीय प्रवृत्ति `(chi)`
(द) चुम्बकन तीव्रता (I)
(य) चुम्बकीय प्रेरण (B)
प्रतिचुम्बकीय पदार्थ
(अ) विकर्षित होते है, अर्थात अधिक तीव्रता वाले भाग से कम तीव्रता वाले भाग की ओर गमन करते है।
(ब) `mu_(r)` धनात्मक तथा अल्प, मान 1 से कम होता है अर्थात `mu_(r)lt1`
(स) `chi` ऋणात्मक तथा अत्यल्प होता है।
(द) I का मान अल्प तथा चुम्बकन क्षेत्र रेखाओं की संख्या कम हो जाती है।
(य) `BltB_(0)` पदार्थ में चुम्बकीय क्षेत्र रेखाओं की संख्या कम हो जाती है।
अनुचुम्बकीय पदार्थ-
(अ) अल्प आकर्षण अनुभव करते है। ये कम तीव्रता के भाग से अधिक तीव्रता वाले भाग की ओर गमन करते है।
(ब) `mu_(r)` धनात्मक तथा मान 1 से अधिक होता है अर्थात `mu_(r)lt1`
(स) `chi` धनात्मक तथा अल्प होता है।
(द) 1 का मान अल्प तथा चुम्बकन क्षेत्र की दिशा में होता है।
(य) `BgeB_(0)` संख्या कुछ बढ़ जाती है।
लौह चुम्बकीय पदार्थ
(अ) तीव्र आकर्षण अनुभव करते है। ये कम तीव्रता वाले भाग से अधिक तीव्रता वाले भाग की ओर गमन करते है।
(ब) `mu_(r)` धनात्मक तथा मान 1 से अत्यधिक होता है अर्थात
(स) `chi` धनात्मक तथा अत्यधिक होता है।
(द) I का मान अत्यधिक तथा चुम्बकन क्षेत्र की दिशा में होता है।
(य) `BgtgtB_(0)`, संख्या बहुत अधिक बढ़ जाती है।
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • चुम्बकत्व एवं चुम्बकीय पदार्थो के गुण

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|4 Videos
  • चुम्बकत्व एवं चुम्बकीय पदार्थो के गुण

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise लघुत्तरात्मक प्रश्न|4 Videos
  • इलेक्ट्रॉनिकी

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|3 Videos
  • धारा वैद्युतिकी

    TRIPUTI PUBLICATION|Exercise आंकिक प्रश्न|9 Videos