यह एक अपशिष्ट प्रबंधन की विधि है। भूमि भराव अक्सर गैर उपयोग की खानों, खानन रिक्तियों आदि क्षेत्रों में बनाये जाते हैं। यह अपशिष्ट निपटान का एक बहुत ही साफ और अपेक्षाकृत कम खर्च वाला तरीका है तथा अधिकतर देशों में यह आम चलन है। लेकिन पुराने और गलत तरीके से भूमिभराव करने से पर्यावरण पर इसका विपरीत प्रभाव पड़ता है। जैसे हवा से कचरे के उड़ने, कीटों को आकर्षित करना, तरल का उत्पादन आदि। इसके अलावा कार्बनिक अपशिष्ट के अपघटन से मेथेन गैस बनती है जो बदबू पैदा कर सकती है, यह वनस्पति को नष्ट कर सकती है, और एक ग्रीन हाऊस गैस भी है। आधुनिक भूमिभराव में नियोजित तरीकों से अपशिष्ट का निष्पादन किया जाता है। गड्ढों को मिट्टी से भर देते हैं और भूमिभराव गैस निकासी के लिए भूमिभराव गैस प्रणाली स्थापित की जा सकती है। इस गैस को एकत्रित कर विद्युत उत्पादन भी किया जा सकता है।