इस विधि में अपशिष्ट पदार्थ के निष्पादन हेतु दहन किया जाता है, जिससे अपशिष्ट ताप, गैस व राख में परवर्तित हो जाता है। भस्मीकरण छोटे पैमाने पर व्यक्तियों द्वारा तथा बड़े पैमाने पर उद्योगों द्वारा किया जाता है। इसका प्रयोग तरल, ठोस और गैसीय अपशिष्ट के निष्पादन के लिए किया जाता है। इसे खतरनाक कचरा जैसे जैविक चिकित्सा अपशिष्ट निष्पादन के लिए व्यावहारिक पद्धति के रूप में काम में लाया जाता है। परन्तु गैसीय प्रदूषकों के उत्सर्जन के कारण भस्मीकरण अपशिष्ट निष्पादन एक विवादास्पद पद्धति है। भस्मीकरण जापान जैसे देशों में ज्यादा प्रचलित है क्योंकि इसमें कम भूमि की जरूरत पड़ती है और इस हेतु भूमिभराव के जितने बड़े क्षेत्र की आवश्यकता नहीं होती है।