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Class 9
BIOLOGY
निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें- छिले हु...

निम्नलिखित परासरण प्रयोग करें-
छिले हुए आधे-आधे आलू के चार टुकड़े लो, इन चारों को खोखला करो जिससे कि आलू के कप बन जाएँ। इनमें से एक कप को उबले आलू में बनाना है आलू के प्रत्येक कप को जल वाले बर्तन में रखो। अब
(a) कप 'A' को खाली रखो,
(b) कप 'B' में एक चम्मच चीनी डालो,
(c) कप 'C' में एक चम्मच नमक डाली तथा
(d) उबले आलू से बनाए गए कप 'D में एक चम्मच चीनी डालो।
आलू के इन चारों कपों को दो घंटे तक रखने के पश्चात् उनका अवलोकन करो तथा निम्न प्रश्नों का उत्तर दो-
(i) 'B' तथा 'C' खाली भाग में जल क्यों एकत्र हो गया ? इसका वर्णन करो।
(ii) 'A' आलू इस प्रयोग के लिए क्यों महत्वपूर्ण है ?
(iii) 'A' तथा 'D' आलू के खाली भाग में जल एकत्र क्यों नहीं हुआ ? इसका वर्णन करो।

लिखित उत्तर

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छिले हुए कच्चे आलू से बने तीन तथा उबले हुए आलू से बने एक कप को चित्रानुसार जल से भरे बर्तन में रखो।

(i) B और Cकप में जल एकत्रित हो गया। कच्चे आलू से बने दोनों कप वर्णात्मक पारगम्यता का कार्य करते हैं और जल परासरण विधि से जल खोखले आलुओं के भीतर चला गया। क्योंकि उनके भीतर चीनी और नमक विद्यमान थे। यह अल्पपरासरण का परिणाम है क्योंकि आलू के कपों के अंदर जाने वाले जल की मात्रा उससे बाहर आने वाले जल की मात्रा से अधिक थी।
(ii) .A. आलू का कप कच्चे आलू से बना था जो वर्णातात्मक पारगम्य झिल्ली का कार्य करता है। भीतर से खाली होने के कारण जल में कोई शुद्ध गति नहीं हुई।
(iii) A और D कपों में जल एकत्रित नहीं हुआ क्योंकि दोनों में बाहरी जल की सांद्रता कपों में स्थित जल की सांद्रता के अराबर थी। कप A कच्चे आलू का बना था और भीतर से खाली था पर कप D उवले आलू का था जिस में एक चम्मच चीनी थी। उबला होने के कारण यह वर्णात्मक घारगम्य झिल्ली का कार्य नहीं करेगा। जिस कारण आलू के कपों से जल में कोई शुद्ध गति नहीं हो सकी।
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