पादप कोशिका की संरचना-एक पादप कोशिका में निम्नलिखित संरचनाएं होती हैं-
1. कोशिका भित्ति (Cell wall)-यह कोशिका का बाह्य आवरण है यह अरजीवित पदार्थ सेल्यूलोज का बना होता है। यह कोशिका को आकार प्रदान करती है तथा जल के लिए पारगम्य होती है। यह कोशिका की सुग्क्षा करती है। तथा उत्तकों को दृढ़ और मज़बूत बनाती है।
2. कोशिका द्रव्य (Cytoplasm) यह एक अदर्ध तरल, जैलीनुमा जीवित पदार्थ है। यह स्वभाव में कोलायडी होता है। यह कोशिका में जैविक कार्य करता है। इसमें कार्योहाइड्रेट्स, प्रोटीन, लिपिड, जल, न्यूक्लिक अम्ल तथा खनिज लवण पाए जाते हैं।
3. लवक (Plastids)-पौधों की कोशिकाओं में तीन प्रकार के लवक पाए जाते हैं-
(क) हरित लवक (Chloroplast)-इनमें एक हरे रंग का पदार्थ बलोरोफिल होता है जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन निर्माण में सहायता करता है।=
(ख) वर्णी लवक (Chronmoplast)- ये नीले, काले अथवा पीले रंग के होते हैं, परंतु इनका रंग हरा नहीं होता।
(ग) अवणी लवक (Leucoplast) - ये रंगहीन होते हैं तथा पौधे के प्रकाश से दूर वाले भागों में पाए जाते हैं। ये तने, शाखाओं तथा पत्तियों में हरे रंग के ही होते हैं ।
4. रिक्तिकाएं Vacuoles)-पौधों की कोशिकाओं में कोशिका द्रव्य में बड़ी रिक्तिकाएं पाई जाती हैं । इनमें कोशिका रस भरा होता है। ये कोशिका का लगभग 90% भाग घेरती है। यह कोशिका को दूढ़ता प्रदान करने में भी सहायक होती हैं।
5. अजीवित पदार्थ (CellInclusion)-कोशिका द्रव्य में कुछ रासायनिक तथा उत्सर्जी पदार्थ भी पाये जाते हैं। ये पदार्थ स्टॉर्च, वसा, शर्करा, प्रोटीन, खनिज तथा एल्केलाइडज् होते हैं।
6. माइट्रोकांड्रिया अथवा कांड्रियोसोम (Chondriosome) -यह कोशिका के जीव द्रव्य में पाए जाने वाले दानेदार पदार्थों के छोटे समूह हैं। ये ऊर्जा का भंडारण करते हैं।
7. केंद्रक (Nucleus)-यह कोशिका द्रव्य के केंद्र में काले रंग के अनेक आकारों में पाई जाती है। यह केंद्रक कला से घिरी होती हैं। इसमें केंद्रक द्रव्य, केद्रिका तथा गुण- सत्र पाये जाते हैं। गुण-सूत्रों पर जीव होते हैं।
