कार्बन यौगिकों के प्रमुख रासायनिक गुणधर्म निम्नलिखित-1 दहन -कार्बन अपने सभी अपरूपों में दहन करता है और ऊष्मा प्रकाश के साथ-साथ `CO _2 ` उत्पन्न करता है। उदाहरण -
` C+O_2to CO_2+` ऊष्मा तथा प्रकाश
`CH_4+2O_2to CO_2+ 2H_2O+ ` ऊष्मा तथा प्रकाश
` CH_3CH_2OH+3O_2to 2CO_2+3H_2O+ ` ऊष्मा तथा प्रकाश
संतृप्त हाइड्रोकार्बन स्वच्छ जवाला के साथ जलते है और असंतृप्त करगण काले धुएं वाली पिली ज्वाला उत्पन्न करते है।
2 ऑक्सीकरण - कार्बन यौगिकों को दहन के द्वारा सरलता से ऑक्सीकृत किया जा सकता है । क्षारीय पोटेशियम परमैंगनेट या अम्लीकृत पोटेशियम डाइक्रोमेट एलकोहॉलों को अम्लों में ऑक्सीकृत कर देते है।
` CH_3-CH_2OHunderset( " या अम्लीकृत " K_2Cr_2O_7+"ऊष्मा ") overset( "क्षारीय "KMnO_4"ऊष्मा " ) to CH_3COOH`
संकलन अभिक्रिया - असंतृप्त हाइड्रोकार्बन पैलेडियम और निकेल जैसे उत्प्रेरकों की उपस्थिति में अपने साथ हाइड्रोजन जोड़ कर तेलों के हाइड्रोजनीकरण में किया जाता है। वनस्पति तेलों में प्राय लम्बी असंतृप्त कार्बन श्रंखलाएं होती है ।
4 प्रतिस्थपन अभिक्रिया -संतृप्त हाइड्रोकार्बन अधिकतर अभिकर्मकों की उपस्थिति में क्रिया नहीं करते पर सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में क्लोरीन का हाइड्रोकार्बन में संकलन होता है। क्लोरीन अति तीव्र अभिक्रिया में एक-एक करके हाइड्रोकार्बन के परमाणुओं का प्रतिस्थापन करती है जिस कारण उच्च समजातीय एल्केन के साथ अनेक उत्पादों का निर्माण होता है।
` CH_4+Cl_2 overset( "सूर्य का प्रकाश ") to CH_3Cl+HCl`
` CH_3Cl+Cl_2overset( "सूर्य का प्रकाश ")to CH_2Cl+2HCl`
` CH_2Cl_ 2+Cl_2overset( "सूर्य का प्रकाश ")toCHCl_3+HCl`
` CHCl_3+ Cl_2overset( "सूर्य का प्रकाश ")toC Cl_4+HCl`