कार्बन यौगिकों की नाम पद्धति की विस्तृप्त व्याख्या कीजिए।
लिखित उत्तर
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कार्बन यौगिकों का नामकरण IUPAC (International Union of Pure and Applied Chemistry ) के आधार पर किया जाना है। इन्हें विशिष्ट नाम देने के लिए निम्नलिखित नियमों का पालन किया जाता है- (क ) किसी भी विशिष्ट कार्बन योगिक में कार्बन परमाणु दर्शाने के लय निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। `{:("एक कार्बन परमाणु ,मेथ ,मेथेन "),("दो कार्बन परमाणु ,एथ , एथेन ") ,( "तीन कार्बन परमाणु , प्रोप ,प्रोपेन ") ,("चार कार्बन परमाणु , ब्यूट ,ब्यूटेन "),("पांच कार्बन परमाणु , पेंट ,पेन्टेन "),( "छय कार्बन परमाणु ,हेक्स ,हेक्सेन "):}` (ख) जो कार्बन योगिक संतृप्त कार्बन और एकल आबंध वाले होते है। उन के मूल शब्द के आखिर में .एन. का प्रयोग किया जाता है है। उदाहरण -मेथेन `(CH _4 ) ` (ग) जो योगिक द्वि- आबंध वाले असंतृप्त होते है उनका मूल में .इन . का प्रयोग होता है । उदाहरण -एथीन `(C _2 H _4 ) ` (घ ) जो योगिक त्रिआबन्ध वाले असंतृप्त कार्बनिक योगिक होते है। उन के मूल में .आइन. का प्रयोग किया जाता है । उदाहरण-एथाइन `(C _2 H _2 ) ।