Home
Class 9
PHYSICS
तरंग-चाल कि परिभाषा तथा मात्रक लिखिए ।...

तरंग-चाल कि परिभाषा तथा मात्रक लिखिए ।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

तरंग-गति (या तरंग)- तरंग एक प्रकार की हलचल है जो किसी माध्यम के कण की दोहराई जाने वाली आवर्ती गति के कारण होती है।
उदाहरण- (1) यदि एक पत्थर पानी के तालाब में फेंका जाए तो संकेंद्रीय छल्लों के रूप में पानी के तल पर वृत्ताकार जल तरंगें उत्पन्न होती हैं। ये तरंगें तरंग की दिशा में सभी दिशाओं में जल की गति के साथ ऊर्जा ले जाती हैं। अत: लहरों का बनना तरंग-गति का एक उदाहरण है। जहां पर पत्थर टकराता है, वहां स्थित पानी के कण दोलित होने लगते हैं और थोड़ी देर बाद ये अगले पड़ोसी कणों को भी हिला देते हैं। इस तरह यह हिल-जुल एक कण से दूसरे कण तक जाते हैं।
  (2) रस्सी या धागे में तरंग-गति की एक उदाहरण है। मान लो एक धागा AB दो बिंदुओं A और B के बीच कसा हुआ है। यदि यह किसी बिंदु पर खींचा जाता है तो यह विभिन्न खंडों में दोलित होने लगता है। अतः ऊर्जा खिंचाव बिंदु से अन्य बिंदुओं तक स्थानांतरित हो जाती है।

(3) ध्वनि तरंग-गति की एक अन्य उदाहरण है। जब एक ढोल बजाया जाता है तो बहुत दूर तक इसकी आवाज़ सुनी जाती है। ध्वनि तरंग श्रोता के कानों तक पहुंचती है और कानों तक ऊर्जा पहुंचाती है।
(4) प्रकाश तरंग का एक उदाहरण है, जो निर्वात में से भी गुज़र सकता है, इस तरह की तरंग को विद्युत्-चुंबकीय तरंग कहते हैं।
Promotional Banner