Home
Class 12
BIOLOGY
मेंडल के पृथक्करण (विसंयोजन) नियम को सोद...

मेंडल के पृथक्करण (विसंयोजन) नियम को सोदाहरण समझाइए।

लिखित उत्तर

Verified by Experts

मेंडल के पृथक्करण नियम (Law of Principle of Segregation) -एक व्यष्टि में उपस्थित एक लक्षण के दो कारक मिश्रित नहीं होते हैं बल्कि युग्मक निर्माण के समय एक-दूसरे से पृथक तथा स्पष्ट बने रहते हैं ताकि एक युग्मक एक लक्षण का कारक ले जा सके व हमेशा शुद्ध रहे। इसे युग्मकों की शुद्धता का नियम भी कहते हैं।
एक शुद्ध लम्बा मटर का पौधा (TT) तथा शुद्ध बौना मटर का पौधा (tt) के बीच क्रास संकर कराते हैं जिससे `F_1` पीढ़ी में संकर लम्बे पौधे प्राप्त होते हैं। पुन: `F_1`. पीढी में स्वपरागण से उत्पन्न द्वितीय पीढी `F_1` में 1 शद्ध लम्बा, 2 संकर लम्बा तथा | शुद्ध बौना पौधे प्राप्त होते हैं। अर्थात् फीनोटाइप अनुपात 3 : 1 तथा जीनोटाइप अनुपात 1:2:1 होता है। जीनोटाइप अनुपात यह दर्शाता है कि बौनेपन व लम्बेपन के दोनों कारक संतति में 505 : 50 में बने रहते हैं जो निश्चित रूप से अपने जनक द्वारा प्राप्त किए गए रहते हैं। इसलिए कारक ही है जो विशिष्ट लक्षणों को लाता है, अर्थात् युग्मक एक ही कारक ले जा पाता है तथा हमेशा शुद्ध रहता है
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • QUESTION PAPER 2015

    JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS|Exercise (2015)(ZOOLOGY) (लघु उत्तरीय प्रश्न)|3 Videos
  • QUESTION PAPER 2014

    JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS|Exercise (2014) (ZOOLOGY)|19 Videos
  • QUESTION PAPER 2016

    JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS|Exercise (2016)(ZOOLOGY) (दीर्घ उत्तरीय प्रश्न )|4 Videos