Home
Class 12
PHYSICS
श्रेणीक्रम में L-C-R परिपथ में तात्कालिक...

श्रेणीक्रम में L-C-R परिपथ में तात्कालिक विधुत-धारा का व्यंजक प्राप्त करे यदि उस पर प्रत्यावर्ती विधुत वाहक बल आरोपित हो | अनुनाद के लिए शर्त प्राप्त करे | (Derive expression for instantaneous current in a series L-C-R circuit if connected to an alternating emf. Obtain the condition for resonance.)

लिखित उत्तर

Verified by Experts

श्रेणीबद्ध L.C.R परिपथ का विश्लेषण - माना श्रेणीबद्ध LCR परिपथ में एक प्रत्यावर्ती स्रोत का प्रयोग किया गया है जिसका वोल्टेज V है, अत:
`V = V_(m) sin omega t`
परन्तु, V = .L. के परित: विभवांतर +C के परित: विभवांतर +R के परित: विभवांतर

`V = L (di)/(dt) + (q)/(C) + iR`
`V_(m) sin omega t = L (di)/(dt) + (q)/(C) + iR" "...(i)`
चूँकि `i = (dq)/(dt)`
`therefore" "(di)/(dt) = (d^(2)q)/(dt^(2))" "...(ii)`
समी. (ii) का (i) में प्रयोग करने पर,
`V_(m) sin omega t = L (d^(2)q)/(dt^(2)) + R(dq)/(dt) + (q)/(C)" "...(iii)`
समीकरण (iii) अवमंदित दोलक समीकरण के अनुरूप है | माना इस समीकरण का हल निम्नवत है |
`q = q_(m) sin (omega t + theta)`
`therefore" "(dq)/(dt) = q_(m) omega cos (omega t + theta)`
तथा `(d^(2)q)/(dt^(2)) = - q_(m) omega^(2) sin (omega t + theta)`
समी. (iii) से,
`V_(m) sin omega t - q_(m) omega [R cos (omega t + theta) - omega L sin (omega t + theta) + (1)/(omega C) sin omega t + theta]`
क्योंकि, `omega L = X_(I)` तथा, `(1)/(omega C) = X_(C)`
अत:, `V_(m) sin omega t = q_(m) omega [R cos (omega t + theta) + (X_(C) - X_(L)) sin (omega t + theta)....]" "...(iv)`
समी. (v) को `z = sqrt(R^(2) + (X_(C) - X_(L))^(2))` से गुणा करने पर,
`V_(m) sin omega t = q_(m) omega Z [(R)/(Z) cos (omega t + theta) + (X_(C) - X_(L))/(Z) sin omega t +...]" "...(v)`
यदि `(R)/(Z) = cos theta` और, `(X_(e) - X_(L))/(Z) = sin phi" "...(vi)`
तब, `(sin phi)/(cos phi) = (X_(C) - X_(L))/(R), tan phi = (X_(C) - X_(L))/(R)`
`phi = tan^(-1) ((X_(C) - X_(L))/(R))`
समी. (vi) का (v) में प्रयोग करने पर
`V_(m) sin omega t = q_(m) omega Z [cos phi cos (omega t + theta) + sin phi -sin (omega t + theta)]" "...(vii)`
या, `V_(m) sin w t = q_(m) omega Z cos (omega t + theta - phi)`
समी. (vii) के दोनों पक्षों की तुलना करने पर,
`V_(m) = q_(m) w Z`
`q_(m) omega = i_(m)`
अत: `V_(m) = i_(m)Z`
तथा, `theta - phi = - (pi)/(2)`
`theta = phi - (pi)/(2)`
परिपथ में धारा,
`i = (d theta)/(dt) = (d)/(dt) [q_(0) sin (omega t + theta)]`
`i = q_(m) omega cos (omega t + theta)`
`theta` को `(phi - pi//2)` प्रस्थापित करने पर, 0
`i = i_(m) sin (omega t + phi - (pi)/(2))`
अर्थात, `i = i_(m) sin (omega t + phi)`
समी. (viii) में, जब कि ओम के नियमानुसार,
`i_(m) = (V_(m))/(Z) = (V_(m))/(sqrt(R^(2) + (X_(C) - X_(L))^(2)))`
विधुतीय अनुनाद-श्रेणी LVR परिपथ - यदि किसी LCR श्रेणी परिपथ में किसी दी गयी आवृति की प्रत्यावर्ती सप्लाई के लिए धांरितीय प्रतिघात तथा प्रेरणिक प्रतिघात का मान बराबर हो तथा परिपथ में प्रवाहित धारा अधिकतम हो तो इस स्थिति को विधुतीय अनुनाद (Electrical Resonance) कहा जाता है | किसी श्रेणी LCR परिपथ में,
धारा `I = (E)/(Z) = (E)/(sqrt(R^(2) + (L omega - (1)/(C omega))^(2))) = (E)/(sqrt(R^(2) + (X_(C) - X_(L))^(2)))`
अर्थात यदि परिपथ की प्रतिबाधा (Z) न्यूनतम हो धारा I अधिकतम होती है |
विधुतीय अनुनाद के लिए, `(X_(L) - X_(C)) = 0` अर्थात `X_(L) - X_(C)`
या, `L omega = (1)/(C omega) rArr omega^(2) = (1)/(LC)`
`omega = (1)/(sqrt(LC)) rArr (2 pi f_(0)) = (1)/(sqrt(LC))`
या, अनुनादी आवृति `f_(0) = (1)/(2 pi sqrt(LC))`
स्पष्ट है कि अनुनादी आवृति का मान परिपथ के प्रतिरोध R पर निर्भर नहीं करता है |
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • QUESTION PAPER 2015

    JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS|Exercise 2015|37 Videos
  • QUESTION PAPER 2017

    JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS|Exercise 2017|37 Videos
JHARKHAND BOARD PREVIOUS YEAR PAPERS-QUESTION PAPER 2016-2016
  1. क्रांतिक कोण को परिभाषित करें | प्रकाश के पूर्ण आंतरिक परावर्तन की शर्...

    Text Solution

    |

  2. सूक्ष्म तरंगे क्या हैं ? इसके दो अनुप्रयोगों का उल्लेख करे |

    Text Solution

    |

  3. स्व-प्रेरण गुणांक तथा अन्योन्य प्रेरण गुणांक को परिभाषित करे |

    Text Solution

    |

  4. रदरफोर्ड के नाभिकीय परमाणु मॉडल क्या हैं ? (What is Rutherford's nucle...

    Text Solution

    |

  5. द्रव्यमान क्षति एवं नाभिकीय बंधन ऊर्जा की परिभाषा दे |

    Text Solution

    |

  6. एक ट्रांजिस्टर का आधार क्षेत्र पतला एवं कम डोपित क्यों होता है ? समझाइ...

    Text Solution

    |

  7. एक विभवमापी के सिद्धांत को समझाइए | दो प्राथमिक सेलों के विधुत वाहक बल...

    Text Solution

    |

  8. परमाणु के कक्षीय इलेक्ट्रॉन के चुंबकीय द्विध्रुव-आघूर्ण का व्यंजक प्रा...

    Text Solution

    |

  9. तार की एक वृताकार कुण्डली में 100 फेरे हैं, प्रत्येक की त्रिज्या 8.0 c...

    Text Solution

    |

  10. हाइगेंस का सिद्धांत बताएँ | इस सिद्धांत के उपयोग से प्रकाश के अपवर्तन ...

    Text Solution

    |

  11. यदि यंग के प्रयोग में दो रेखा - छिद्रो के बीच की दूरी 0.03 cm., रेखा-छ...

    Text Solution

    |

  12. प्रकाश विधुत प्रभाव क्या है ? प्रकाश विधुत प्रभाव के लिए आइंस्टीन के स...

    Text Solution

    |

  13. जेनर डायोड क्या है ? वोल्टेज रेगुलेटर के रूप में इसकी क्रिया समझाइए | ...

    Text Solution

    |

  14. मॉडुलन क्या है ? मॉडुलन की आवश्यकता क्यों है ? (What is Modulation ? W...

    Text Solution

    |

  15. विधुत विभव को परिभाषित करे | एक विधुतीय द्विध्रुव के कारण किसी बिंदु प...

    Text Solution

    |

  16. स्थिर वैधुतिकी में गॉस का प्रमेय बताएँ | इसकी सहायता से एक समान रूप से...

    Text Solution

    |

  17. विधुत चुंबकीय प्रेरण के लिए फैराडे का नियम लिखे | समरूप चुंबकीय क्षेत्...

    Text Solution

    |

  18. श्रेणीक्रम में L-C-R परिपथ में तात्कालिक विधुत-धारा का व्यंजक प्राप्त ...

    Text Solution

    |

  19. किसी गोलीय सतह पर अपवर्तन के लिए सूत्र (mu(2))/(v) - (mu(1))/(u) = (mu...

    Text Solution

    |

  20. हाइगेंस का सिद्धांत बताएँ | इस सिद्धांत के उपयोग से प्रकाश के अपवर्तन ...

    Text Solution

    |