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Class 12
PHYSICS
परिपथ आरेख की सहायता से एक पूर्ण तरंग दि...

परिपथ आरेख की सहायता से एक पूर्ण तरंग दिष्टकारी के रूप में p-n संधि डायोड की कार्यविधि का वर्णन करे | (Describe with circuit diagram the working of a p-n junction diode as a full wave rectifier.)

लिखित उत्तर

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पूर्ण तरंग दिष्टकारी के रूप में संधि डायोड (Junciton Diode as a Full Wave Rectifier) - पूर्ण तरंग दिष्टकारी प्रत्यावर्ती निवेश संकेतो के दोनों अर्द्धशो का दिष्टकरण करता है |

यहाँ ट्रांसफॉर्मर की प्रथमिक कुण्डली (P) में प्रत्यावर्ती निवेश संकेत दिया जाता है | ट्रांसफार्मर की द्वितीयक कुण्डली (S) से डायोडो `D_(1)` व `D_(2)` के धनात्मक सिरे जोड़े गए हैं | लोड प्रतिरोध `R_(l)` के सिरों पर निर्गत वोल्टता प्राप्त की जाती है | संधि डायोडो के N सिरे को द्वितीयक कुण्डली के केंद्रीय भाग से जोड़कर उभयनिष्ठ बिंदु बनाया जाता है |
कार्यप्रणाली - जब निवेशी प्रत्यावर्ती संकेत का धनात्मक अर्द्धचक्र प्राथमिक कुण्डली से प्रवाहित होता है, अन्योन्य प्रेरण के कारण से द्वितीयक कुण्डली के सिरे पर प्रेरित विधुत वाहक उतपन्न होता है | प्रेरित विधुत वाहक की दिशा इस प्रकार होती है कि जब निचला सिरा ऋणात्मक होता है | इस प्रकार जब डायोड `D_(1)` अग्र बायस में होता है तो डायोड `D_(2)` पश्च बायसित हो जाता है, इसलिए डायोड `D_(1)` से प्रवाहित धारा परिपथ में तीर संकेत द्वारा दर्शायी जाती है | (`R_(l)` के ऊपर) निर्गत वोल्टता जो निवेशी अर्द्ध-चक्र के अनुसार परिवर्तित होती है लोड परिरोध `(R_(l))` के सिरों पर प्राप्त की जाती है |

निवेशी प्रत्यावर्ती संकेत के ऋणात्मक अर्द्ध-चक्र के दौरान डायोड `D_(1)` पश्च बायस में तथा डायोड `D_(2)` अग्रबायसित होता डायोड `D_(2)` के कारण परिपथ में निश्चित दिशा में प्रवाहित होने वाली धारा तीर के द्वारा प्रदर्शित की गयी है (`R_(l)` के नीचे) | निर्गत वोल्टता लोड `R_(l)` के सिरों पर प्राप्त की जाती है |
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