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Class 9
PHYSICS
बल सदिश राशि है अथवा अदिश | इसका मात्रक ...

बल सदिश राशि है अथवा अदिश | इसका मात्रक भी बताइए |

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प्रश्न|अदिश राशि व सदिश राशि में अंतर |सदिश |एकांक सदिश |सदिशो के योग के नियम |OMR|Summary

आवेश के विशिष्ट गुण |आवेश एक सदिश राशि है |आवेश सदैव द्रव्यमान के साथ संबंध होता है |आवेश का स्थानांतरण |आवेश का क्वान्टिकरण |आवेश संरक्षित है |OMR|Summary

मापन|मानक लंबाई|मानक द्रव्यमान|मानक सेकंड|भौतिक राशियों के प्रकार|दिशात्मक गुणधर्म के आधार पर|सदिश राशियाँ|अदिश राशियाँ|निर्भरता के आधार पर |मूल राशियाँ|व्युत्पन्न राशियाँ|मात्रक|प्रश्न

आवेश के विशिष्ट गुण|आवेश एक अदिश राशि है|आवेश सदैव द्रव्यमान के साथ सम्बन्ध होता है|महतवपूर्ण बिंदु|आवेश का स्थानांतरण|आवेश का क्वांटिकरण|आवेश संरक्षित है|OMR|Summary

विज्ञान|भौतिक विज्ञान|प्रकृति के मूल बल |भौतिक राशि|मात्रक पद्धतियाँ और उसके प्रकार |पूर्वलगन |भौतिक राशियों के विमिय|OMR|Summary

बच्चे की किशोरावस्था शिक्षा-शास्त्रियों और कला-शिक्षकों के लिए अपने आप में एक अलग ही विषय है। यह उन एक समस्या की उम्र कही गई है। कुछ विशेषज्ञ तो इसे 'संकट का समय' मानते हैं। जो भी हो, यह स्पष्ट है कि बच्चे के लिए यह अवस्था एक नया अनुभव होता है। दुनिया बदल जाती है। हो सकता है कि इस मानसिक परिवर्तन का कारण उसका अपना शारीरिक विकास भी हो। आज तक शरीर, जो एक तरीके से बढ़ रहा था, उसमें तब्दीली होने लगती है। उसके लिए यह एक ऐसा अनुभव होता है जो उसका मन अधिक-से-अधिक घेरे रहता है। समाज की परंपरा की वजह से वह इस समस्या को संकोच की वजह से प्रकाशित नहीं करता। उसे इसका खुलासा नहीं मिलता। मन की अवस्था बदल जाती है। मन दूसरी बातों से हटकर इधर-उधर भटकने लगता है। एकाग्रता नहीं रहती। शारीरिक विकास तो एक ढंग से हो जाता है। उसकी शारीरिक प्रवतियां भी सयानों की-सी होने लगती हैं। लेकिन मानस इतना विकसित अभी तक नहीं हो पाता, जिससे वह अपने आप को ठीक-ठीक समझ सके। 'मन की अवस्था भी बदल जाती है' वाक्य में 'भी' शब्द है