Home
Class 11
MATHS
एक छड़ी जिसकी लंबाई l है, जमीन और दीवार ...

एक छड़ी जिसकी लंबाई l है, जमीन और दीवार के सहारे टिकी हुई है। यदि छड़ी जमीन खिसकना शुरू होती है तो इसके मध्यबिंदु का बिंदुपथ निकालें।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

A ladder is resting against a wall. The angle between the foot of the ladder and the ground is 60^@ , and the foot of the ladder is 3.6m away from the wall. The length of the ladder (in m) is: एक सीढ़ी एक दीवार के सहारे खड़ी है। सीढ़ी और दीवार के बीच का कोण 60^@ है, और सीढ़ी का आधार दीवार से 3.6 मीटर दूर है। सीढ़ी की लंबाई (मीटर में) ज्ञात करे |

A ladder is resting against a wall, The angle between the foot of the ladder and the wall is 45^@ and the foot of the ladder is 6.6m away from the wall. The length of the ladder is: एक सीढ़ी एक दीवार के खिलाफ खड़ी है, सीढ़ी के आधार और दीवार के बीच का कोण 45 है और सीढ़ी का आधार की दीवार से दूरी 6.6 मीटर है। सीढ़ी की लंबाई ज्ञात करे |

A ladder leaning against a wall makes an angle theta with the horizontal ground such that sin theta= 12/13 . If the foot of the ladder is 7.5 m from a wall, then what is the height of the point from where the top of the ladder touches the wall? किसी दीवार पर झुकी हुई एक सीढ़ी क्षेतिज भूमि के साथ theta कोण बनाती है जो इस प्रकार है कि sin theta= 12/13 है | यदि सीढ़ी का तल दीवार से 7.5 मीटर है, तो उस बिंदु की ऊंचाई ज्ञात करें जहाँ से सीढ़ी का शीर्ष भाग दीवार को स्पर्श करता है |

Length and breadth of rectangular field are in the ratio 5 : 2. If the perimeter of the field is 238 m. Find the length of the field. एक आयताकार मैदान की लंबाई और चौड़ाई 5 : 2 के अनुपात में है। यदि मैदान का परिमाप 238 मीटर है, तो मैदान की लंबाई ज्ञात कीजिए।

आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। ज्ञान के होने की अनिवार्य शर्त है

आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। अनुच्छेद के आधार पर कहा जा सकता है कि

आज जब भी कोई गाँव का नाम लेता है तो एक अलग ही छवि उभरती है। वह छवि कहती है कि वहाँ गरीबी है। वहाँ अशिक्षा और अज्ञान है। वहाँ अंध-विश्वास है। गंदगी है। बीमारी है। हमें विचार करना है कि सच क्या है? क्या हमारे गाँव ऐसे ही थे जैसे आज हैं? आज जो गाँवों का दुर्दशा हुई है उसके लिए जिम्मेदार कौन है? इन सवालों की पड़ताल करते हुए हमें नई समझ बनानी है तथा गाँवों के सही स्वरूप की पहचान करनी है। वैसे यह खुदा का शुक्र है कि गाँवों पर कई तरह के आक्रामक दुष्प्रभावों के बावजूद उनका मूल स्वरूप नहीं बदलता है। जो दूरस्थ गाँव हैं-- शहर के पड़ोस से दूर उनकी निजता तो खासी बची हुई है। ऐसी स्थिति में हमारा दायित्व, एक शिक्षित समाज का दायित्व क्या बनता है? हमें विचार करना है। मंगर ऐसा कोई भी विचार गाँवों को आँखों से देखे बिना, स्वयं देख कर समझे बिना नहीं किया जा सकता! तो हमें अपनी फर्स्ट हैंड समझ बनाने के लिए गाँव चलना है। अपने मूल स्वरूप में गाँव एक वेधशाला है। एक विद्याशाला है। गाँच वेधशाला इसलिए है कि ज्ञान को रोज वहाँ कर्म की कसौटी पर कसा जाता है। आजमाया जाता है। जो ज्ञान कर्म की कसौटी पर खरा न उतरे तो उसे खारिज कर दिया जाता है। हर ज्ञान के होने की शर्त यह है वह सृजन और उत्पादन की शान पर तराशा जाए। गाँव को ठीक से समझने के लिए जरूरी है

Recommended Questions
  1. एक छड़ी जिसकी लंबाई l है, जमीन और दीवार के सहारे टिकी हुई है। यदि छड़ी...

    Text Solution

    |

  2. एक 13 मीटर लम्बी सीढ़ी दीवार के सहारे झुकी हुई है। सीढ़ी के पाद को 1.5...

    Text Solution

    |

  3. यदि एक दीर्घवृत्त जिसका केंद्र मूलबिंदु पर है, के दीर्घ कक्ष तथा लघु क...

    Text Solution

    |

  4. एक वृत्त X-अक्ष पर एक जीवा काटता है जिसकी लम्बाई 4a है तथा यह वृत्त Y-...

    Text Solution

    |

  5. यदि बिन्दु (4, 2) का रेखा L = 0 के सापेक्ष प्रतिबिम्ब (-2, 6) है, तो L...

    Text Solution

    |

  6. AB एक ऊर्ध्वाधर खंभा है, जिनका A सिरा जमीन पर है | C, AB का मध्य-बिंदु...

    Text Solution

    |

  7. यदि संख्या 354Y2, 6 का एक गुणज है तो Yअंक का मान क्या हो सकता है?

    Text Solution

    |

  8. The total surface area of a hollow cuboid is 340 cm^2 . If the length ...

    Text Solution

    |

  9. A ladder is resting against a wall. The angle between the foot of the ...

    Text Solution

    |