Home
Class 12
PHYSICS
1 मिमी दूरी पर पृथक्कृत दो स्लिटों को 6...

1 मिमी दूरी पर पृथक्कृत दो स्लिटों को `6.5 xx 10^(-7)` मीटर तरगदैर्ध्य के प्रकाश द्वारा प्रदीप्त गया है। स्लिटों से 1 मीटर दूर रखे पर्दे पर व्यतिकरण फ्रिन्जे दिखाई पडती है। तीसरी अदीप्त तथा पाँचवी दीप्त फ्रिन्ज के बीच की दूरी की गणना कीजिए।

Promotional Banner

Similar Questions

Explore conceptually related problems

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचा रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंततः हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि-

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचे रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंतत: हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। गद्यांश के आधार पर कहा जा सकता है कि

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचा रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंततः हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। लेखक के अनुसार हम किनके नाम पर पैसा इकट्ठा करते हैं ?

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचे रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंतत: हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। लेखक के अनुसार हम किनके नाम पर पैसा इकट्ठा करते हैं?

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचा रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंततः हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। जितना भी जोर से चीखें,' वाक्य में क्रिया है-

गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचे रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंतत: हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। 'जितना भी जोर से ul("चीखें") ,' वाक्य में क्रिया है

राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय र अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखे, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देशात प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी को कारण जिन्हें हमने नीचा रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास-से-हम बच ही नहीं है सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंततः हमारी पार्टी , के ही लोगों के पास पहुंचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। जितना भी जोर से ul("चीखें") ,' वाक्य में क्रिया है

निर्देशः गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों में सबसे उचित विकल्प चुनिए। राजनीतिक बहसों की गरमी में हम जो भी कहें, अपने राष्ट्रीय अभिमान की अभिव्यक्ति में हम जितना भी जोर से चीखें, सक्रिय राष्ट्रीय सेवा के प्रति हम अत्यंत उदासीन रहते हैं, क्योंकि हमारा देश प्रकाश से हीन है। मानव स्वभाव में निहित कंजूसी के कारण जिन्हें हमने नीचा रख छोड़ा है, उनके प्रति अन्यास से हम बच ही नहीं सकते। समय-समय पर उनके नाम पर हम पैसा इकट्ठा करते हैं, लेकिन उनके हिस्से में शब्द ही आते हैं, पैसा तो अंततः हमारी पार्टी के ही लोगों के पास पहुँचता है। संक्षेप में, जिनके पास बुद्धि, शिक्षा, समृद्धि और सम्मान है, हमारे देश के उस अत्यंत छोटे हिस्से, पाँच प्रतिशत और आबादी के अन्य पंचानवे प्रतिशत के बीच की दूरी समुंदर से भी अधिक चौड़ी है। लेखक के अनुसार हम किनके प्रति अन्याय करते हैं?

Recommended Questions
  1. 1 मिमी दूरी पर पृथक्कृत दो स्लिटों को 6.5 xx 10^(-7) मीटर तरगदैर्ध्य...

    Text Solution

    |

  2. द्विक - प्रिज्म के एक प्रयोग में 5000Å तरंग लम्बाई के प्रकाश के कला - ...

    Text Solution

    |

  3. उन सरल रेखाओ के समीकरण ज्ञात कीजिए जो : x=3 तथा x=-3 से समान दू...

    Text Solution

    |

  4. उन सरल रेखाओ के समीकरण ज्ञात कीजिए जो : y=-5 तथा y=1 से समान दू...

    Text Solution

    |

  5. किसी आयतीय अतिपरवलय के नियताओं के बीच की दूरी 10 इकाई हो, तो उसके नाभि...

    Text Solution

    |

  6. बिंदुओं (3,1) और (0,y) के बीच की दूरी 5 है। y ज्ञात कीजिए।

    Text Solution

    |

  7. यदि वृत्त के केंद्र से 3 सेमी. की दूरी पर स्थित जीवा की लम्बाई 8 सेमी....

    Text Solution

    |

  8. एक बिंदु की एक रेखा से दूरी|दो समान्तर रेखाओं के बीच की दूरी

    Text Solution

    |

  9. एक लेंस 10 सेमी दूरी पर रखी वस्तु का तीन गुना बड़ा आभासी प्रतिबिम्ब बना...

    Text Solution

    |