Home
Class 12
PHYSICS
सूर्य में निरन्तर ऊर्जा कैसे बन रही है? ...

सूर्य में निरन्तर ऊर्जा कैसे बन रही है? समीकरण देकर समझाइए। ये अभिक्रियाएँ अति उच्च ताप पर ही क्यों होती हैं?

लिखित उत्तर

Verified by Experts

सूर्य की ऊर्जा-सूर्य की अपार ऊर्जा का स्रोत, उसमें उपस्थित हल्के नाभिकों का संलयन है।
सूर्य का ताप बहुत अधिक होने के कारण सभी तत्त्व नाभिकीय अवस्था में होते हैं। इन नाभिकों का वेग इतना अधिक होता है कि इनके परस्पर टकराने से इनका संलयन स्वतः होता रहता है तथा अपार ऊर्जा उत्पन्न होती रहती है।
बैथे के अनुसार, हाइड्रोजन नाभिकों का हीलियम नाभिक में संलयन 1. कार्बन साइकिल, 2. प्रोटॉन-प्रोटॉन साइकिल द्वारा हो सकता है।
1. कार्बन साइकिल-सूर्य में चार हाइड्रोजन नाभिको का एक हीलियम नाभिक में संलयन सीधे न होकर, कई ताप- नाभिकीय अभिक्रियाओं की एक साइकिल के द्वारा होता है, जिसमें कार्बन एक उत्प्रेरक का कार्य करता है इसलिए इस साइकिल को कार्बन साइकिल कहते हैं।
`""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1) to ""_(2)He^(4)+2""(+1)beta^(0)+2v+"ऊर्जा"`
2. प्रोटॉन-प्रोटॉन साइकिल-इस साइकिल के अनुसार, हाइड्रोजन के नाभिक कई अभिक्रियाओं के द्वारा संलयित होकर हीलियम का नाभिक बनाते हैं। इस साइकिल में अभिक्रियाएँ निम्नवत् होती हैं-
`""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1)+""_(1)H^(1) to ""_(2)He^(4)+2""(+1)beta^(0)+2v+26.7 MeV`
चूँकि सामान्य ताप पर कोई भी पदार्थ नापिकीय अवस्था में नहीं रह सकता। अतः कोई नाभिकीय प्रक्रिया सम्भव नहीं है।
हाइड्रोजन के 1 किग्रा में नाभिकों की संख्या
`=(6.02 xx 10^(23) xx 1000)/(1)`
`=6 xx 10^(26)`
4 हाइड्रोजन नाभिकों के संलयन से मुक्त ऊर्जा
= 27.6 MeV
`:.` 1 किग्रा हाइड्रोजन के संलयन से मुक्त ऊर्जा
`=(26.7)/(4) xx 6 xx 10^(26)`
`=40.05 xx 10^(26) Mev`
`=4.0 xx 10^(27) MeV`
Promotional Banner

टॉपर्स ने हल किए ये सवाल

  • नाभिक

    UP BOARD PREVIOUS YEAR|Exercise लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर-II|17 Videos
  • तरंग-प्रकाशिकी

    UP BOARD PREVIOUS YEAR|Exercise आंकिक प्रश्न|44 Videos
  • परमाणु

    UP BOARD PREVIOUS YEAR|Exercise आंकिक प्रश्न|23 Videos
UP BOARD PREVIOUS YEAR-नाभिक-विस्तृत उत्तरीय प्रश्नोत्तर
  1. समस्थानिक एवं समभारिक का अर्थ समझाइए। निम्न नाभिकों में समस्थानिक एवं ...

    Text Solution

    |

  2. 14 ग्राम ""(6)C^(14) में कितने परमाण्वीय इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन तथा न्यूट...

    Text Solution

    |

  3. नाभिक के आकार, आकृति तथा घनत्व को स्पष्ट कीजिए।

    Text Solution

    |

  4. किसी नाभिक की त्रिज्या (r) तथा नाभिक की परमाणु द्रव्यमान संख्या (A) मे...

    Text Solution

    |

  5. युग्म उत्पादन तथा युग्म विनाश (विलोपन) क्रिया को उदाहरण देकर समझाइए l

    Text Solution

    |

  6. एक तारे में तीन ऐल्फा कण संयुक्त होकर .(6)C^(12) नाभिक बनाते है! इस क्...

    Text Solution

    |

  7. सूर्य में निरन्तर ऊर्जा कैसे बन रही है? समीकरण देकर समझाइए। ये अभिक्रि...

    Text Solution

    |

  8. आवश्यक समीकरणों द्वारा सूर्य में नाभिकीय संलयन प्रक्रिया को समझाइए। ये...

    Text Solution

    |

  9. सूर्य में ऊर्जा किस प्रकार उत्पन्न होती है? आवश्यक समीकरण देकर समझाइए।

    Text Solution

    |

  10. सूर्य में हाइड्रोजन नाभिकों के संलयन की अभिक्रिया लिखिए। सूर्य में 1.0...

    Text Solution

    |

  11. ""(92)U^(235) रिऐक्टर से मिलने वाली शक्ति का मान ज्ञात कीजिए यदि 2 किग...

    Text Solution

    |

  12. ""(6)C^(12) की प्रति न्यूक्लिऑन बन्धन ऊर्जा ज्ञात कीजिए।( दिया है, कार...

    Text Solution

    |

  13. प्रोटॉन (""(1)H^(1)) बमबारी से 100 ग्राम ""(3)Li^(7) को ""(2)He^(4) मे...

    Text Solution

    |

  14. नाभिक की बन्धन ऊर्जा से क्या तात्पर्य है? ""(8)O^(16) नाभिक की द्रव्यम...

    Text Solution

    |

  15. एक ""(29)Cu^(63) के सिक्के का द्रव्यमान 3.0 ग्राम है। उस ऊर्जा की गणना...

    Text Solution

    |

  16. निम्नलिखित अभिक्रिया में निर्मुक्त ऊर्जा की गणना कीजिए- ""(92)^(235)...

    Text Solution

    |

  17. नाभिकीय विखण्डन तथा नाभिकीय संलयन में अन्तर स्पष्ट कीजिए। दी गई विखण्ड...

    Text Solution

    |

  18. एक तारे में तीन alpha-कण संयुक्त होकर ""(6)^(12)C नाभिक बनाते हैं। इस ...

    Text Solution

    |

  19. नाभिक के एक न्यूट्रॉन का, एक प्रोटॉन एवं एक बीटा कण (""(-1)beta^(0)) त...

    Text Solution

    |

  20. एक तारे में प्रारम्भ में 10^(40) डयूट्रॉन हैं। यह निम्न प्रक्रमों ""(1...

    Text Solution

    |